तू मेरा राखा, सबनी थाई
तां भौ के हा काढा जी,
तां भौ के हा काढा जी,
तू मेरा राखा, सबनी थाई
तां भौ के हा काढा जी,
तां भौ के हा काढा जी
तुम्हारी किरपा ते तुद पछाणा,
तू मेरी ओट तू हैं मेरा माना
तू मेरी ओट तू हैं मेरा माना
तुझ बिन दूजा अवार ना कोई
सब तेरा खेल पासारो जी,
सब तेरा खेल पासारो जी
तू मेरा राखा, सबनी थाई
तां भौ के हा काढा जी,
तां भौ के हा काढा जी,
जिय जंत सब तुद उपाए,
जित जित भाणा तित तित लाये
सब किछ किता तेरा होवै
सब किछ किता तेरा होवै
नाही किछ असाडा जियो,
नाही किछ असाडा जियो
तू मेरा राखा, सबनी थाई
तां भौ के हा काढा जी,
तां भौ के हा काढा जी,
नाम ध्याये महा सुख पाया,
हर गुण गाऐ मेरा मन सितलाया
गुरु पुरे वाजी वधाई
नानक जिता बिखाङा जी,
नानक जिता बिखाङा जी,
तू मेरा राखा, सबनी थाई
तां भौ के हा काढा जी,
तां भौ के हा काढा जी,
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 17 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 17)
गौरा ढूंढ रही पर्वत पर: गौरी भजन (Gora Dhund Rahi Parvat Pe)
सुनो मैया मेरी सरकार, दास तेरा हो जाऊं: भजन (Suno Maiya Meri Sarkar Daas Tera Ho Jaun)
तू मेरा राखा, सबनी थाई
तां भौ के हा काढा जी,
तां भौ के हा काढा जी,
तू मेरा राखा, सबनी थाई
तां भौ के हा काढा जी,
तां भौ के हा काढा जी,
तू मेरा पिता, तू हैं मेरा माता
तू मेरा बंधप, तू मेरा भ्राता








