तेरी ज्योति में वो जादू है,
तक़दीर बना देती है,
जगमग जलती जब ज्योत तेरी,
अंधकार मिटा देती है,
तेरी ज्योति में वो जादू है,
तक़दीर बना देती है ॥
तेरी ज्योति है माँ पावन,
इससे दुनिया है माँ रोशन,
लागे सबको ही मन भावन,
मैया सारे ही अँधेरे मिटाती,
जहां पे ज्योति जलती है,
वहां पे खुशियां मिलती है,
सबकी भक्ति पलती है,
बिगड़े काम बनाती सारे,
खुशियों का सवेरा जीवन में,
तेरी ज्योत करा देती है,
तेरी ज्योति मे वो जादू है,
तक़दीर बना देती है ॥
तेरी ज्योत निराली है,
खुशियां देने वाली है,
दामन भरने वाली है,
मैया पल में कमाल दिखाए,
देवता गीत तेरे गाए,
जगती चौखट पे आए,
तेरी किरपा माँ पाए,
तू ही सबको निहाल कराए,
खाली दामन हम भक्तो का,
तेरी ज्योत भरा देती है,
तेरी ज्योति मे वो जादू है,
तक़दीर बना देती है ॥
तेरा ‘हर्ष’ भी ये चाहे,
तेरे दर पे वो आए,
तेरी किरपा माँ पाए,
तेरे चरणों में झुक जाऊं,
तेरी ज्योत जला के माँ,
तेरी रात जगा के माँ,
तेरी महिमा गाके माँ,
मैं भी जीवन धन्य बनाऊं,
मुझ जैसे भटके को रस्ता,
तेरी ज्योत दिखा देती है,
तेरी ज्योत दिखा देती है,
तेरी ज्योति मे वो जादू है,
तक़दीर बना देती है ॥
तेरी ज्योति में वो जादू है,
तक़दीर बना देती है,
जगमग जलती जब ज्योत तेरी,
अंधकार मिटा देती है,
तेरी ज्योति में वो जादू है,
तक़दीर बना देती है ॥
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