कोई देवता नही है,
भोले नाथ की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह ॥
शिव ने हमारे वास्ते,
क्या क्या नहीं किया,
सौ बार शुक्रिया है,
सौ सौ बार शुक्रिया,
रखते खयाल मेरा,
औलाद की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह ॥
अहसान इनके लाखों है,
कितने मैं गिनाऊँ,
किस किस को बताऊँ,
और क्या क्या मैं बताऊँ,
ये लाज मेरी समझे,
अपनी लाज की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह ॥
अब माँगने को हाथ,
ये उठते नही मेरे,
कहता ‘पवन’ अब कोई,
चिंता नहीं घेरे,
रहे संग ये हमेशा,
मेरी साँस की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह ॥
संतोषी माता चालीसा (Santoshi Mata Chalisa)
श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान की बाल लीला भाग 2
जम्भेश्वर भगवान शिशु अवस्था। समराथल धोरा कथा। भाग 3
कोई देवता नही है,
भोले नाथ की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह,
लूटाते है खजाना बरसात की तरह ॥








