सुनो भवानी अरज हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ,
शरण में बैठे है माँ तुम्हारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ ॥
ये अपना जीवन तेरी अमानत,
तू ही है जननी तू ही है पालक,
तेरे चरण के है हम पुजारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ,
सुनों भवानी अरज हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ ॥
कहे तुम्हे सब दया का सागर,
लुटा दो ममता गले लगाकर,
भुला दो सारी खता हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ,
सुनों भवानी अरज हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ ॥
तेरे सिवा हम किसे पुकारे,
ये नैन केवल तुम्हे निहारे,
तुम्ही पे आशा टिकी हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ,
सुनों भवानी अरज हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ ॥
जो ‘सोनू’ कर दे तू एक इशारा,
संवर ही जाए जनम हमारा,
मिटा दो बाधा माँ जग की सारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ,
सुनों भवानी अरज हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ ॥
जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी - आरती (Jayati Jayati Jag Niwas Shankar Sukhkari)
जय राम रमा रमनं समनं - भजन (Jai Ram Rama Ramanan Samanan)
राम राम जपो, चले आएंगे हनुमान जी: भजन (Ram Ram Bhajo Chale Aayenge Hanuman Ji)
सुनो भवानी अरज हमारी,
दया करो माँ कृपा करो माँ,
शरण में बैठे है माँ तुम्हारी,
दया करो माँ कृपा करो मा ॥
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








