अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये,
बोल मेरी मैया तुझे क्या कहा जाये ॥
मैंने सोने का टीका बनवाया,
मेरी मय्या को पसन्द नहीं आया,
उसे फूलों का टीका पसन्द आया,
अम्बे कहा जाए जगदम्बे कहा जाए,
बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये ॥
मैंने सोने के कंगन बनवाये,
मय्या को पसन्द नहीं आये,
उसे फूलों के कंगन पसन्द आये,
अम्बे कहा जाए जगदम्बे कहा जाए,
बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये ॥
मैंने सोने का हार बनवाया,
मइया को पसन्द नहीं आया,
उसे फूलों का हार पसन्द आया,
अम्बे कहा जाए जगदम्बे कहा जाए,
बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये ॥
मैंने सोने की तगड़ी बनवायी,
मइया को पसन्द नहीं आयी,
उसे तो फूलों की तगड़ी पसन्द आयी,
अम्बे कहा जाए जगदम्बे कहा जाए,
बोल मेरी माता तुझे क्या कहा जाये ॥
कन्हैया दौडा आएगा - भजन (Kanhaiya Dauda Aayega)
भूतेश्वर ने ध्यालो जी: भजन (Bhuteshwar Ne Dhyalo Ji)
मनमोहन तुझे रिझाऊं तुझे नित नए लाड़ लड़ाऊं - भजन (Manmohan Tujhe Rijhaun Tujhe Neet Naye Laad Ladau)
अम्बे कहा जाये जगदम्बे कहा जाये,
बोल मेरी मैया तुझे क्या कहा जाये ॥
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








