
शिव भोले भंडारी, बम भोले औघड़दानी: भजन (Shiv Bhole Bhandari Bam Bhole Aughardani)
शिव भोले भंडारी, बम भोले औघड़दानी, भंडारी भोले भंडारी, शिव भोला भंडारी,
भगवान शिव (भोलेनाथ, महादेव) के भजन, आरती, स्तुति, मंत्र और कथाएँ हिंदी लिरिक्स के साथ।

शिव भोले भंडारी, बम भोले औघड़दानी, भंडारी भोले भंडारी, शिव भोला भंडारी,

शिव शम्भू सा निराला, कोई देवता नहीं है, जैसा भी है डमरू

सब कुछ मिला रे भोले, रहमत से तेरी तूने ही है सुनी

बम भोले बम भोले कैलाश का वासी, बम भोले मिलता है जो

शिव का नाम लो । हर संकट में ॐ नमो शिवाय, बस

तेरे दीदार को भोले, तरसे मोरी अंखियां, दे दर्शन इस दास को,

तुम कालों के काल, बाबा मेरे महाकाल ॥ दोहा – उज्जैन नगरी

उज्जैन में विराजे, महाकाल प्यारे प्यारे, महाकाल प्यारे प्यारे, महाकाल डमरू वाले,

क्षिप्रा के तट बैठे है, मेरे भोले भंडारी, भोले भंडारी, सबको दर्शन

करूँ वंदन हे शिव नंदन, तेरे चरणों की धूल है चन्दन, तेरी

दूल्हा बने भोलेनाथ जी हमारे, चली बारात गौरा जी के द्वारे, इस

महामंत्र शिवजी का, हमें प्यारा लागे ॥ महामंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे,

भोले शंकर तेरे दर्शन को, लाखों कावड़ियाँ आए रे, भांग धतुरा रगड़

दरस एक बार दिखाना रे, शिव शंकर डमरू वाले ॥ इतना बताओ

कावड़ उठाले ध्यान, शिव का लगाले ॥ दोहा – शिव समान दाता

भोले दी बरात चढ़ी, गज वज के, सारीया ने भंग पीती, रज

सबना दा रखवाला ओ शिवजी डमरूवाला जी डमरू वाला उपर कैलाश रहंदा

तुम्हे दिल में बसाया, तुम्हे अपना बनाया, तूने जीना सिखाया भोलेनाथ जी,

ऊँ शिव गोरक्ष योगी गंगे हर-नर्मदे हर, जटाशङ़्करी हर ऊँ नमो पार्वती

मेरे तट पर जागे कबीर, मैं घाट भदैनी तुलसी की, युग युग