
झोली भर लो भक्तो, दौलत बरसे भोले के दरबार – भजन (Jholi Bharlo Bhakto Daulat Barse Bhole Ke Darbar)
झोली भर लो भक्तो, दौलत बरसे भोले के दरबार, झोली भर ल्यो
भगवान शिव (भोलेनाथ, महादेव) के भजन, आरती, स्तुति, मंत्र और कथाएँ हिंदी लिरिक्स के साथ।

झोली भर लो भक्तो, दौलत बरसे भोले के दरबार, झोली भर ल्यो

आज मिल्या मौका, भोले के दर्शन पाने का, नीलकण्ठ पै चाल नही,

शिव में मिलना है ॥ दोहा – कितना रोकूं मन के शोर

भोले बाबा तेरी क्या ही बात है, भोले शंकरा तेरी क्या ही

आयी महादेवी अवतार, भवानी मोरे अंगना में ॥ रहे निमंत्रण डार, खेरे

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै नकाराय नमः शिवाय

जय हो शिव भोला भंडारी, लीला अपरंपार तुम्हारी, लेके नाम, तेरा नाम,

शंकर मेरा प्यारा, शंकर मेरा प्यारा । माँ री माँ मुझे मूरत

राम नाम मधुबन का, भ्रमर बना, मन शिव का। निश दिन सिमरन

जटा कटा हसं भ्रमभ्रमन्नि लिम्प निर्झरी, विलोलवी चिवल्लरी विराजमान मूर्धनि। धगद्धगद्धग ज्ज्वल

कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ, आये शरण तिहारी प्रभु तार

अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा, भूत प्रेत नित करे

भोले नाथ का मैं बनजारा, छोड़ दिया मैंने जग सारा, पता बता

लेके गौरा जी को साथ भोले-भाले भोले नाथ, काशी नगरी से आए

धन धन भोलेनाथ बॉंट दिये, तीन लोक इक पल भर में ।

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॥ चली कांवड़ियों की टोली, सब

आग बहे तेरी रग में तुझसा कहाँ कोई जग में है वक़्त

भगवान शिव जिन्हें शंकर, भोलेनाथ, महादेव के संबोधन से भी पुकारा जाता

सत्य, सनातन, सुंदर,शिव! सबके स्वामी ।अविकारी, अविनाशी,अज, अंतर्यामी ॥ॐ हर हर हर

ॐ जय गंगाधर जय हर,जय गिरिजाधीशा ।त्वं मां पालय नित्यं,कृपया जगदीशा ॥ॐ