
कैंलाश शिखर से उतर कर: भजन (Kailash Shikhar Se Utar Kar)
कैलाश शिखर से उतर कर, मेरे घर आए है भोले शंकर ॥
भगवान शिव (भोलेनाथ, महादेव) के भजन, आरती, स्तुति, मंत्र और कथाएँ हिंदी लिरिक्स के साथ।

कैलाश शिखर से उतर कर, मेरे घर आए है भोले शंकर ॥

चलो भोले बाबा के द्वारे, सब दुःख कटेंगे तुम्हारे, भोले बाबा भोले

ॐ महाकाल के काल तुम हो प्रभो, गुण के आगार सत्यम् शिवम्

इतनी विनती है तुमसे हे भोले मेरे, थाम के हाथ अब ना

भोला नही माने रे नहीं माने, मचल गए नचबे को, भोला नहीं

शिव भोला भंडारी, सुख का त्योहार, मिले डमरू के ताल, सुख का

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय नमः शिवाय ॐ

हे शिव शंकर परम मनोहर सुख बरसाने वाले, दुःख टालते भव से

शंभु महादेव जय शंकरा शंभु महादेव जय शंकरा शंभु महादेव जय शंकरा

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया हे हमार जोगिया हो हमार जोगिया

शिव पूजा में मन लीन रहे, मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली, जाने वो जिस ने तेरी लगन

पूछे प्यारी शैलकुमारी कथा कहिए भोले भण्डारी जी । प्रथम सोकारन कहहू

कर्ता करे ना कर सके, शिव करे सो होय, तीन लोक नौ-खंड

आदियोगी – The Source of Yoga दूर उस आकाश की गहराइयों में,

जय महाकाली शेरावाली, सारे जग की तू रखवाली, तेरे दर पे आने

संकट हरलो मंगल करदो, प्यारे शिव गौरा के लाल, अब विनती सुनलो

छोटी सी मेरी पार्वती, शंकर की पूजा करती थी, निर्जल रहकर निश्छल

कोई देवता नही है, भोले नाथ की तरह, लूटाते है खजाना बरसात

संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्, सदावसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानीसहितं नमामि ॥ जयकारा बोलो जयकारा, मेरे