जय महाकाल जय महाकाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जो पाप ताप का हरता है,
जो युग परिवर्तन करता है,
माँ आदिशक्ति को साथ लिए,
जो बदल रहा है सृष्टि चाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल ॥
जिसने सोतो को जगा दिया,
जागों को जिसने चला दिया,
चलतो को जिसने दौड़ाया,
निष्ठा को दी प्रेरक उछाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल ॥
छल द्वेष दंभ को दूर करो,
सद्कर्मों का उत्थान करो,
सब भेद विषमता नष्ट करो,
है दुष्ट विनाशक महाज्वाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल ॥
आओ देवत्व जगाने को,
धरती को स्वर्ग बनाने को,
अपनत्व सभी में विकसा दो,
है सज्जन के मानस मराल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल ॥
सद्भाव और सद्ज्ञान भरो,
सत्कर्मों का उत्थान करो,
प्रज्ञा प्रकाश जग में भरदो,
उज्जवल भविष्य की के मशाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल ॥
हे गौरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला: भजन (Hey Gauri Nandan Tujh Ko Vandan Tera Roop Nirala)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 32 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 32)
सब रस रंग भरे है, रामायण जी में - भजन (Sab Ras Rang Bhare Hain Ramayan Ji Mein )
तुम हो अनादि तुम ही अन्नत,
तुमसे प्रेरित यह दीगंदिगंत,
परिवर्तन के आधार तुम्ही,
तुमसे प्रेरित यह जग विशाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल ॥
जय महाकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जो पाप ताप का हरता है,
जो युग परिवर्तन करता है,
माँ आदिशक्ति को साथ लिए,
जो बदल रहा है सृष्टि चाल,
जय महांकाल जय महांकाल,
जय महांकाल जय महांकाल ॥








