हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं,
महाकालम नमस्तुभ्यं,
हे नंदीश्वर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
नमस्ते सुरप्रिया धारम,
नमस्ते युग सृजन हारम,
उमा नाथम नमस्तुभ्यं,
हे बाघेश्वर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
नमस्ते पशुपति नाथम,
त्रयम्बक हे भुजंग धारम,
जटा धारम नमस्तुभ्यं,
हे रामेश्वरम नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
नमस्ते नील कंठेश्वर,
नमस्ते ओमकारेश्वर,
‘देवेंद्र कुलदीप’ करे वंदन,
हे करुणाकर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
राम जी से पूछे जनकपुर की नारी: भजन (Ram Ji Se Puche Janakpur Ki Nari)
बताओ कहाँ मिलेगा श्याम: भजन (Batao Kahan Milega Shyam)
कहियो दर्शन दीन्हे हो, भीलनियों के राम: भजन (Kahiyo Darshan Dinhe Ho Bhilaniyo Ke Ram)
हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं,
महाकालम नमस्तुभ्यं,
हे नंदीश्वर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥








