भजमन शंकर भोलेनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले ॥
मुक्ति हेतु बसाई काशी,
जहां रहे भोले अविनाशी,
विजया भोग लगाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले ॥
कर त्रिशूल पहिरे मृगछाला,
भोला ऐसा दीनदयाला,
बिगड़े काम बनाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले ॥
सकल मनोरथ पूरण कारी,
गिरजापति कैलाश बिहारी,
प्रभु महादेव कहाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले ॥
जो नित गान प्रभु का गावे,
सब सुख भोग परम पद पावे,
आवागमन छुड़ाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले ॥
सन्तोषी माता आरती (Santoshi Mata Aarti)
माँ बगलामुखी पौराणिक कथा (Maa Baglamukhi Pauranik Katha)
जगन्नाथ महाप्रभु का महा रहस्य (The great mystery of Jagannath Mahaprabhu)
भजमन शंकर भोलेनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
डमरू मधुर बजाने वाले,
भजमन शंकर भोलेंनाथ,
डमरू मधुर बजाने वाले ॥








