राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है जंगल की लकड़ी, ये तन है जंगल की लकड़ी
आग लगे जल जाए, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है कागज की पूडिया, ये तन है कागज की पुडिया
हवा चले उड़ जाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है माटी का ढेला, ये तन है माटी का ढेला
बूँद पड़े गल जाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है फूलो का बगीचा, ये तन है फूलो का बगीचा
धूप पड़े मुरझाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
ये तन है कच्ची है हवेली, ये तन है कच्ची है हवेली
पल मे टूट जाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
भोले की किरपा से हमरे, ठाठ निराले है: भजन (Bhole Ki Kripa Se Hamare Thaat Nirale Hai)
कैसी यह देर लगाई दुर्गे... (Kaisi Yeh Der Lagayi Durge)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 10 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 10)
ये तन है सपनो की माया, ये तन है सपनो की माया
आँख खुले कुछ नाही, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का
॥ राम नाम सुखदाई…॥
राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई
ये जीवन दो दिन का








