
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है – भजन (Jara Der Thehro Ram Tamanna Yahi Hai)
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है अभी हमने जी भर के
भगवान श्री राम और माता सीता के भजन, आरती, स्तुति और मंत्र हिंदी लिरिक्स में।

जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है अभी हमने जी भर के

नगरी हो अयोध्या सी, रघुकुल सा घराना हो । और चरण हो

राम जपते रहो, काम करते रहो । वक्त जीवन का, यूँही निकल

पंथ निहारत, डगर बहारथ, होता सुबह से शाम, कहियो दर्शन दीन्हे हो,

भगवन चौदह बरस वन वास, भगवन लौट अयोध्या आए । भगवन चौदह

शिव समान दाता नहीं, है ये देवों के है देव, भक्तों के

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के

प्रभु रामचंद्र के दूता, हनुमंता आंजनेया । हे पवनपुत्र हनुमंता, बलभीमा आंजनेया

भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जन हितकारी भयहारी । अतुलित छबि भारी मुनि-मनहारी

रघुनन्दन राघव राम हरे सिया राम हरे सिया राम हरे । रघुनन्दन

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, हनुमान जन्मोत्सव और अखंड

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के

अयोध्या करती है आव्हान, ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥ अयोध्या करती

भीलनी परम तपश्विनी, शबरी जाको नाम । गुरु मतंग कह कर गए,

आए हैं प्रभु श्री राम, भरत फूले ना समाते हैं । आए

राम कहने से तर जाएगा, पार भव से उतर जायेगा। उस गली

बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम, बड़ी

नाम ना जाने, धाम ना जाने जाने ना सेवा पूजा जाने बस

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की

मुझे अपनी शरण में ले लो राम, ले लो राम! लोचन मन