
कृष्ण जिनका नाम है – भजन (Krishna Jinka Naam Hai Gokul Jinka Dham Hai Bhajan)
कृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका धाम है, ऐसे श्री भगवान को,
श्री कृष्ण, राधा रानी और श्याम के भजन, आरती, गोपी गीत और कथाएँ हिंदी में।

कृष्ण जिनका नाम है, गोकुल जिनका धाम है, ऐसे श्री भगवान को,

बांके बिहारी कृष्ण मुरारी मेरे बारी कहाँ छुपे, दर्शन दीजो शरण में

मुझे चरणों से लगाले, मेरे श्याम मुरली वाले । मेरी स्वास-स्वास में

तेरे चरण कमल में श्याम, लिपट जाऊ राज बनके । लिपट जाऊ

ब्रजराज ब्रजबिहारी, गोपाल बंसीवारे इतनी विनय हमारी, वृन्दा-विपिन बसा ले कितने दरों

मैं तो अपने श्याम की, दीवानी बन जाउंगी, दीवानी बन जाउंगी, मस्तानी

श्याम रंग में रंग गई राधा, भूली सुध-बुध सारी रे, राधा के

बंसी बजा के मेरी निंदिया चुराई, लाडला कन्हैया मेरा कृष्ण कन्हाई, कुञ्ज

तू ही कन्हैया तू ही लखदातार है, लखदातार है तू लीले का

गोविन्द जय-जय, गोपाल जय-जय । राधा-रमण हरि, गोविन्द जय-जय ॥ १ ॥

मेरो छोटो सो लड्डू गोपाल, सखी री बड़ो प्यारो है। मेरो छोटो

हे करुणा मयी राधे, मुझे बस तेरा सहारा है, मुझे बस तेरा

नंद रानी तेरो लाला जबर भयो रे/री महारानी तेरो लाला जबर भयो

दर्शन दो घनश्याम नाथ मोरी, अँखियाँ प्यासी रे । मन मंदिर की

चलो मन वृन्दावन की ओर, प्रेम का रस जहाँ छलके है, कृष्णा

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे, तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।

भजहु रे मन श्री नंद नंदन अभय-चरणार्विन्द रे दुर्लभ मानव-जन्म सत-संगे तारो

घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन, घायल कर

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूँ ही

मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार, नजर तोहे लग