तू ही कन्हैया तू ही लखदातार है,
लखदातार है तू लीले का सवार है,
सांवरे तेरी तो लीला अपरम्पार है,
मोहना तू ही लखदातार है।
आज लगे दुनिया दीवानी तेरे नाम की,
गली गली चर्चा है खाटू वाले श्याम की,
मोहना तू ही लखदातार है ॥
सूरत पे तेरी तन मन वारा है,
नैनो के रस्ते दिल में उतारा है,
तू ही बड़ा सेठ बाबा तू ही साहूकार है,
लूटो जिसे लूटना है खुला भंडार है,
मोहना तू ही लखदातार है ॥
फागण महीने न्यारे खाटू के नज़ारे है,
गूंजे आसमान पे श्याम जयकारे है,
जो भी फरियादी आके करता पुकार है,
खाली नहीं जाता वो तो तेरा एतबार है,
मोहना तू ही लखदातार है ॥
भर भर ‘अंजलि’ सौगातें भरे रखता,
वो तर जाए जिसे प्रेम से तू तकता,
तेरे दरबार हर ‘दुआ’ स्वीकार है,
तर गया देखो ‘सरल’ जैसा गुनहगार है,
मोहना तू ही लखदातार है ॥
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तू ही कन्हैया तू ही लखदातार है,
लखदातार है तू लीले का सवार है,
सांवरे तेरी तो लीला अपरम्पार है,
मोहना तू ही लखदातार है।
आज लगे दुनिया दीवानी तेरे नाम की,
गली गली चर्चा है खाटू वाले श्याम की,
मोहना तू ही लखदातार है ॥
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