
श्री सूर्य देव – ऊँ जय कश्यप नन्दन। (Shri Surya Dev Jai Kashyapa Nandana)
ऊँ जय कश्यप नन्दन, प्रभु जय अदिति नन्दन।त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय

ऊँ जय कश्यप नन्दन, प्रभु जय अदिति नन्दन।त्रिभुवन तिमिर निकंदन, भक्त हृदय

श्री विरंचि कुलभूषण,यमपुर के धामी ।पुण्य पाप के लेखक,चित्रगुप्त स्वामी ॥सीस मुकुट,

हरि ओम श्री शाकुम्भरी अंबा जी की आरती क़ीजोएसी अद्वभुत रूप हृदय

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ।राजेश्वरी जय नमो नमः ॥करुणामयी सकल अघ हारिणी

ॐ जय जय धर्म धुरन्धर,जय लोकत्राता ।धर्मराज प्रभु तुम ही,हो हरिहर धाता

धर्मराज कर सिद्ध काज,प्रभु मैं शरणागत हूँ तेरी ।पड़ी नाव मझदार भंवर

भगवद् गीता आरती (Aarti Shri Bhagwat Geeta) जय भगवद् गीते,जय भगवद् गीते

श्री बद्रीनाथजी की आरती (Shri Badrinath Aarti) पवन मंद सुगंध शीतल,हेम मंदिर

आरती: माँ महाकाली (Aarti: Maa Maha Kali) जय काली माता, माँ जय

श्री भगवत भगवान की है आरती! (Shri Bhagwat Bhagwan Ki Aarti) श्री

म्हारे घर आये जम्भ भगवान जम्भेश्वर भजन Lyrics म्हारे घर आए जम्भ

भूल बिसर मत जाई कन्हैया, मेरी ओड़ निभाना जी | मोर मुकुट

प्रश्न 123. गुरुदेव ! आपके मंत्र कहां-कहां काम आयेंगे ? रणधीर !

प्रश्न 101. गुरुदेव ! आपने जो अन्न बांटा वो अन्न कहां से

प्रश्न 71. गुरुदेव ! आप सूतल लोक में कितने समय तक रहे

प्रश्न 51. गुरुदेव ! आपके प्रथम शब्दोपदेश का अर्थ हम छोटी बुद्धि

प्रश्न 24. गुरुदेव ! परमात्मा व जीवात्मा में क्या अन्तर है ?

जाम्भोजी और रणधीर के प्रश्न 2. रणधीर ने पूछा- गुरुदेव ! प्रहलाद

जांभोजि द्वारा किए गए प्रश्न बिश्नोई समाज के बारे में? भगवान श्री

गुरु आसन समराथल भाग 4