भूल बिसर मत जाई कन्हैया, मेरी ओड़ निभाना जी

सोहन कलश गंगा जल भरियो सखियाँ मंगल गाय री धूप दीप ले करो आरती-२ केसर रो तिलक लगायI म्हारे घर आए जम्भ भगवान सोने रो सूरज उगियो
भूल बिसर मत जाई कन्हैया, मेरी ओड़ निभाना जी
भूल बिसर मत जाई कन्हैया, मेरी ओड़ निभाना जी Lyrics

भूल बिसर मत जाई कन्हैया, मेरी ओड़ निभाना जी |

मोर मुकुट पीताम्बर सोहे, कुंडल झलकत काना जी |

वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में,मोहन वंशी बजाना जी ||

हमरी तुम से लगन लगी है , नित प्रति आना जी |

घट-घट वासी अंतरजामी,प्रेम का पंथ निभाना जी ||

जो मोहन मेरो नाम न जानो,मेरो नाम दीवाना जी |

हमरे आँगन तुलसी का बिरवा, जिसके हरे हरे पाना जी ||

जो काना मेरो गाँव न जानो, मेरो गाँव बरसाना जी |

सूरज सामी पोल हमारो चन्दन चौक निसाना जी ||

या तो ठाकुर दरसन दीजो , नहीं तो लीजो प्राना जी |

मीरा के प्रभु गिरधर नगर,चरणों में लिपटाना जी ||

भजन :- मै तो जोऊ रे सांवरिया थारी बाट,म्हारो बेडो लगा दीजो पार,मनवा राम सुमर ले

भजन :- गिरधर गोकुल आव ,जंभेश्वर भगवान म्हाने दर्शन दो जी आय, भजन :- गावो गावो ए सईयां म्हारी गितड़ला

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Sandeep Bishnoi

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निवण प्रणाम सभी ने, मेरा नाम संदीप बिश्नोई है और मैं मदासर गाँव से हु जोकि जैसलमेर जिले में स्थित है. मेरी इस वेबसाइट को बनाने का मकसद बस यही है सभी लोग हमारे बिश्नोई समाज के बारे में जाने, हमारे गुरु जम्भेश्वेर भगवन के बारे में जानेतथा जाम्भोजी ने जो 29 नियम बताये है वो नियम सभी तक पहुंचे तथा उसका पालन करे.

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