
जय हो जय जय है गौरी नंदन – आरती (Jai Ho Jai Jai He Gauri Nandan)
जय हो जय जय है गौरी नंदनदेवा गणेशा गजाननचरणों को तेरे हम

जय हो जय जय है गौरी नंदनदेवा गणेशा गजाननचरणों को तेरे हम

ओम जय गौरी नन्दन, प्रभु जय गौरी नंदनगणपति विघ्न निकंदन, मंगल नि:स्पन्दनओम

ॐ जय श्री राणी सती माता,मैया जय राणी सती माता ।अपने भक्त

जय जय जय रविदेव,जय जय जय रविदेव ।रजनीपति मदहारी,शतलद जीवन दाता ॥पटपद

ॐ जय जानकीनाथा,जय श्री रघुनाथा ।दोउ कर जोरें बिनवौं,प्रभु! सुनिये बाता ॥

ॐ जय शीतलनाथ स्वामी,स्वामी जय शीतलनाथ स्वामी।घृत दीपक से करू आरती,घृत दीपक

जय अहोई माता,जय अहोई माता ।तुमको निसदिन ध्यावत,हर विष्णु विधाता ॥ॐ जय

आरती श्री वृषभानुसुता की,मंजुल मूर्ति मोहन ममता की ॥त्रिविध तापयुत संसृति नाशिनि,विमल

कार्तिकेय जी की आरती –जय जय आरती वेणु गोपालावेणु गोपाला वेणु लोलापाप

जय देवी जय देवी जय शांते जननी ।दुर्गे बहुदु:खदमने रतलो तव भजनी

चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी,जग को तारो भोली माँजन को तारो भोली माँ,काली

आरती बाल कृष्ण की कीजै,अपना जन्म सफल कर लीजै ॥ श्री यशोदा

आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन…दुर्योधन को मेवा त्यागो,साग विदुर घर खायो प्यारे

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी ।सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी

जयति जय गायत्री माता,जयति जय गायत्री माता ।सत् मारग पर हमें चलाओ,जो

आरती श्री गुरुदेव जी की गाऊँ ।बार-बार चरणन सिर नाऊँ ॥त्रिभुवन महिमा

आरती श्री रामायण जी की ।कीरति कलित ललित सिय पी की ॥गावत

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के

ॐ जय जय शनि महाराज,स्वामी जय जय शनि महाराज ।कृपा करो हम

चेटी चंड जैसे त्यौहारों तथा सिंधी समाज के अन्य कार्यक्रमों में सबसे