
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं – आरती (Aarti: Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun)
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।आरती गाऊं

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।आरती गाऊं

जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी ।तुमको निशदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ॐ

जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ।अपने सेवक जन की,सुख सम्पति दाता

दुनियाँ में सबसे ज्यादा लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा

जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।सत्यनारायण स्वामी,जन पातक हरणा ॥ॐ जय

माँ तुलसी पूजन, तुलसी विवाह एवं कार्तिक माह में माँ तुलसी की आरती सबसे

॥ श्री गंगा मैया आरती ॥हर हर गंगे, जय माँ गंगे,हर हर

बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम ।जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके,कहां उसे विश्राम ।अन्नपूर्णा

त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा ।त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।नेती नेती शब्द

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण

ऊँ जय सूर्य भगवान,जय हो दिनकर भगवान ।जगत् के नेत्र स्वरूपा,तुम हो

॥ श्री भैरव देव जी आरती ॥जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव

श्री हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण

भक्त इन पंक्तियां को स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता की आरती के रूप

भगवान विष्णु की अर्धांगिनी माता लक्ष्मी का आह्वान भक्तजन साप्ताहिक दिन शुक्रवार, गुरुवार, वैभव लक्ष्मी

श्री गुरु नानक देव आरती ॥धनासरी महला १ आरती ੴ सतिगुर प्रसादि

जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी

भगवान श्री चित्रगुप्त जी की आरतीॐ जय चित्रगुप्त हरे,स्वामीजय चित्रगुप्त हरे ।भक्तजनों

जय कुबेर स्वामी,प्रभु जय कुबेर स्वामी,हे समरथ परिपूरन ।हे समरथ परिपूरन ।हे

जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ।जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम्