श्री कुबेर जी आरती – जय कुबेर स्वामी (Shri Kuber Aarti, Jai Kuber Swami)

jambh bhakti logo

जय कुबेर स्वामी,
प्रभु जय कुबेर स्वामी,
हे समरथ परिपूरन ।
हे समरथ परिपूरन ।
हे अन्तर्यामी ॥
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..
जय कुबेर स्वामी,
प्रभु जय कुबेर स्वामी,
हे समरथ परिपूरन । -x2
हे अन्तर्यामी ।
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..

विश्रवा के लाल इदविदा के प्यारे,
माँ इदविदा के प्यारे,
कावेरी के नाथ हो । -x2
शिवजी के दुलारे ।
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..

मनिग्रवी मीनाक्षी देवी,
नलकुबेर के तात,
प्रभु नलकुबेर के तात
देवलोक में जागृत । -x2
आप ही हो साक्षात ।
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..

रेवा नर्मदा तट
शोभा अतिभारी
प्रभु शोभा अतिभारी
करनाली में विराजत । -x2
भोले भंडारी ।
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..

वंध्या पूत्र रतन और
निर्धन धन पाये
सब निर्धन धन पाये
मनवांछित फल देते । -x2
जो मन से ध्याये ।
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..

साधु दीक्षा मंत्र (बिश्नोई जम्भेश्वर भगवान)

संकटा माता आरती (Sankata Mata Aarti)

आरती: जय जय तुलसी माता (Aarti: Jai Jai Tulsi Mata)

सकल जगत में तुम ही
सब के सुखदाता
प्रभु सब के सुखदाता
दास जयंत कर वन्दे । -x2
जाये बलिहारी ।
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..

जय कुबेर स्वामी,
प्रभु जय कुबेर स्वामी,
हे समरथ परिपूरन ।
हे समरथ परिपूरन ।
हे अन्तर्यामी ॥
ॐ जय कुबेर स्वामी
प्रभु जय कुबेर स्वामी..

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

निवण प्रणाम सभी ने, मेरा नाम संदीप बिश्नोई है और मैं मदासर गाँव से हु जोकि जैसलमेर जिले में स्थित है. मेरी इस वेबसाइट को बनाने का मकसद बस यही है सभी लोग हमारे बिश्नोई समाज के बारे में जाने, हमारे गुरु जम्भेश्वेर भगवन के बारे में जानेतथा जाम्भोजी ने जो 29 नियम बताये है वो नियम सभी तक पहुंचे तथा उसका पालन करे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *