
करूँ वंदन हे शिव नंदन: भजन (Karu Vandan Hey Shiv Nandan )
करूँ वंदन हे शिव नंदन, तेरे चरणों की धूल है चन्दन, तेरी

करूँ वंदन हे शिव नंदन, तेरे चरणों की धूल है चन्दन, तेरी

प्रथमेश गजानन नाम तेरो, हृदय में पधारो मेहर करो, हृदय में पधारो

हे नाथ दया करके, मेरी बिगड़ी बना देना, अब तक जो निभाया

अपना है सेठ गणपति लाला, शिव शंकर सूत देव गणपति, देवो में

गौरी नंदन तेरा वंदन, करता है संसार, तुझे सब प्रथम मनाते, प्रेम

मैं थाने सिवरू गजानन देवा, वचनों रा पालनहारा जी ओ ॥ श्लोक

हे प्रथम पूज्य गौरीनंदन, हम शरण तिहारी आए है, श्रद्धा के सुमन

जागो गौरी नंदन जागो, जागो गौरी नँदन जागो, जग उजियारा फैला तेज

गणपति तुम सब गण के राजा, गणपति तुम सब गण के राजा,

छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ राजन

ओ गणनायक महाराज सुमिरा जोडू दोनों हाथ, ओ गणनायक महाराज, सुमिरा जोडू

सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है, जिथे किथे मैनु लै छडाई तिस

गौरी के लाड़ले, महिमा तेरी महान, करता है सबसे पहले, पूजा तेरी

दूल्हा बने भोलेनाथ जी हमारे, चली बारात गौरा जी के द्वारे, इस

बिगड़ी तेरी बनाएगा, नाम गणपति का, संकट सभी मिटाएगा, नाम गणपति का,

महामंत्र शिवजी का, हमें प्यारा लागे ॥ महामंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे,

भोले शंकर तेरे दर्शन को, लाखों कावड़ियाँ आए रे, भांग धतुरा रगड़

जिसने भी माँ की चौखट पे, सर को झुका लिया, करके दया

दरस एक बार दिखाना रे, शिव शंकर डमरू वाले ॥ इतना बताओ

स्वांसां दी माला नाल सिमरन मैं तेरा नाम, तेरा नाम तेरा नाम