
आया बुलावा भवन से: भजन (Aaya Bulawa Bhawan Se)
आया बुलावा भवन से, मैं रह ना पाई ॥ श्लोक – तेरे

आया बुलावा भवन से, मैं रह ना पाई ॥ श्लोक – तेरे

तेरे दर पे माँ, जिंदगी मिल गई है, मुझे दुनिया भर की,

जिस भजन में राम का नाम ना हो, उस भजन को गाना

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे

मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे, राम आएँगे आएँगे,

जो प्रेम गली में आए नहीं, प्रियतम का ठिकाना क्या जाने, जिसने

जानकी नाथ सहाय करें जानकी नाथ सहाय करें, जब कौन बिगाड़ करे

प्रीत मे पूजे नाम तुम्हारा, गणपति जगत खिवैया, शिव नँदन अब आज

राम को मांग ले मेरे प्यारे उम्र भर को सहारा मिलेगा सिर्फ

राम तुम्हारा नाम सुखों का सार हुआ राम तुम्हारा नाम सुखों का

तेरा जग है करे गुणगान, गजानन लम्बोदर, लम्बोदर हे लम्बोदर, लम्बोदर हे

जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं, उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद

सुनो मैया मेरी सरकार ॥ श्लोक – या देवी सर्वभूतेषु, शक्ति-रूपेण संस्थिता,

नमामि-नमामि अवध के दुलारे । खड़ा हाथ बांधे मैं दर पर तुम्हारे

अयोध्यावासी राम दशरथ नंदन राम जानकी जीवन राम श्री राम राम, जय

राम नाम आधार जिन्हें, वो जल में राह बनाते हैं, जिन पर

जय गणेश जय गजवदन, कृपा सिंधु भगवान । मूसक वाहन दीजिये, ज्ञान

सूरज की लाली तुझे तिलक लगाती है बगिया की डाली-डाली पुष्प चढ़ाती

वीर है गौरा तेरा लाड़ला गणेश, माता है तू जिसकी पिता है

आओ गणनायक राजा, तेरी दरकार है, देखो ये माँ साँचल का, सच्चा