छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
ऐसा राज्य छोड़ और दूजा कौन धियाएई
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
छत्रधारी छत्रपति छैल रूप छितनाथ
छौनी कर छाया बर छत्रीपत गाईइ
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
बिसुनाथ विश्वंभर बेदनाथ बालाकर
बिसुनाथ विश्वंभर बेदनाथ बालाकर
बाजीगरी बन धारी बंधन बथाईई।
जहाँ ले चलोगे, वही मैं चलूँगा: भजन (Jaha Le Chaloge Vahi Me Chalunga)
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 19 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 19)
प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए - भजन (Prem Ho to Shri Hari Ka Prem Hona Chahiye)
निओली करम दूधाधारी बिद्याधर ब्रह्मचारी
ध्यान को लगवै नैक ध्यान हुन पाई।
ध्यान को लगवै नैक ध्यान हुन पाई।
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
ऐसा राज्य छोड़ दो और दूजा कौन धियाएई
ऐसा राज्य छोड़ दो और दूजा कौन धियाएई
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा
राजन के राजा महाराजन के महाराजा








