
गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता – भजन (Gunwan Mere Ganpati Buddhi Ke Hain Data)
गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता है मेरे दाता सबके दाता

गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता है मेरे दाता सबके दाता

॥श्लोक॥ प्रथम मनाये गणेश के, ध्याऊ शारदा मात, मात पिता गुरु प्रभु

गणपति बाप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया गणपति बाप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया

आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी ॥ श्लोक – गजाननं भूतगणादि सेवितं,

मैं तो झूम झूम नाचूं रे आज, आज मैया घर आयी है,

गौरी सुत गणराज गजानन, विघ्न हरण मंगल कारी, जो नर तुमको प्रथम

लोरी सुनाए गौरा मैया, झूला झूले गजानंद, रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया, रिमझिम

हे जगवंदन गौरी नन्दन, नाथ गजानन आ जाओ, शिव शंकर के राज

हे गणनायक जय सुखदायक, जय गणपति गणराज रे, गणपति नमः गणपति नमः,

आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो, भक्ता रा कारज सारो जी, हाँ संवारो

हे गौरा के लाल मेरी सुनिए, तेरा भक्त खड़ा तेरे द्वार है,

सबसे पहले मनाऊँ गणराज, गजानंद आ जइयो, म्हारी विनती सुनो महाराज, गजानंद

बेगा सा पधारो जी, सभा में म्हारे आओ गणराज, थे बेगा पधारो

म्हाने प्राणा सु भी प्यारी, माता रानी लागे, माता रानी लागे, म्हाने

वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ:, निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा ॥ पूजा

जय गणेश जय मेरे देवा ॥ श्लोक – वक्रतुण्ड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ,

गौरी गणेश मनाऊँ, आज सुध लीजे हमारी, गौरी गणेश मनाऊँ, आज सुध

हे गौरी नंदन तुझको वंदन, तेरा रूप निराला, गोरी नंदन तुझको वंदन,

क्षिप्रा के तट बैठे है, मेरे भोले भंडारी, भोले भंडारी, सबको दर्शन

गौरी के लाल तुमको, सादर नमन हमारा, गौरी के लाल तुमकों, सादर