राम को मांग ले मेरे प्यारे
उम्र भर को सहारा मिलेगा
सिर्फ इनकी शरण ही में
जिंदगी भर गुजारा मिलेगा
राम को मांग ले मेरे प्यारे
कितना दो हाथों से ले सकेगा
देने वाले की है लाख बांहें
इसकी बांह पकड़ कर तो देखो
खुशनुमा सा नजारा मिलेगा
राम को मांग ले मेरे प्यारे
खुद को तन्हा समझता है तू
कण कण में वह समाया है
दुख में आवाज देकर तो देखो
कौशल्या का दुलारा मिलेगा
राम को मांग ले मेरे प्यारे
रुप नैनो में इनको बसा लो
नाम लेते रहो चलते – फिरते
चाहे तूफां हो या भंवर हो
हर सफर में किनारा मिलेगा
राम को मांग ले मेरे प्यारे
उम्र भर को सहारा मिलेगा
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