जिस भजन में राम का नाम ना हो,
उस भजन को गाना ना चाहिए ॥
चाहे बेटा कितना प्यारा हो,
उसे सिर पे चढ़ाना ना चाहिए,
चाहे बेटी कितनी लाडली हो,
घर घर ने घुमाना ना चाहिए,
जिस भजन में राम का नाम न हों,
उस भजन को गाना ना चाहिए ॥
जिस माँ ने हम को जनम दिया,
दिल उसका दुखाना ना चाहिए,
जिस पिता ने हम को पाला है,
उसे कभी रुलाना ना चाहिए,
जिस भजन में राम का नाम न हों,
उस भजन को गाना ना चाहिए ॥
चाहे पत्नी कितनी प्यारी हो,
उसे भेद बताना ना चाहिए,
चाहे मैया कितनी बैरी हो,
उसे राज़ छुपाना ना चाहिए,
जिस भजन में राम का नाम न हों,
उस भजन को गाना ना चाहिए ॥
विन्ध्येश्वरी चालीसा (Vindhyeshvari Chalisa)
बृहस्पति स्तोत्रं - स्कन्दपुराणे (Brihaspati Stotra - Skand Puran)
आरती होजी समराथल देव, विष्णु हर की आरती देव ........जम्भेश्वर भगवान आरती।
जिस भजन में राम का नाम ना हो,
उस भजन को गाना ना चाहिए ॥








