जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।
जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।
जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
जिसका हरी से जुड़ा संबंध हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
सूरदास मीरा कबीरा ने गया,
तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया ।
सूरदास मीरा कबीरा ने गया,
तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया ।
जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,
जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
जिसका जीवन सच्चाई में ढाल गया,
उसके पापों का पर्वत भी ढाल गया,
उसके रोम रोम मे बस गोविंद ही गोविंद ।
संत और ऋषियो की वाणी को मानो,
तत्व क्या है जगत का ये मन मे पहचानो ।
संत साहित्य ..(:- समराथल कथा भाग 15 🙂
बिसर गई सब तात पराई - शब्द कीर्तन (Bisar Gai Sab Taat Paraai)
हरी सिर धरे मुकुट खेले होरी: होली भजन (Hari Sir Dhare Mukut Khele Hori)
जिसका चौरासी कट जाए फंद है
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।
जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।
जिसे स्वर्ग जाने की इच्छा नहीं है
जिसे मुक्ति पाने की इच्छा नहीं है
उसे ही मिलता यहाँ परमानंद है
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है ।
जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।
जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है ।








