
उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया – भजन (Ujjaini Me Baba Ne Esa Damru Bajaya)
उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया, मैं सुध बुध भूल आया,
भगवान शिव (भोलेनाथ, महादेव) के भजन, आरती, स्तुति, मंत्र और कथाएँ हिंदी लिरिक्स के साथ।

उज्जैनी में बाबा ने ऐसा, डमरू बजाया, मैं सुध बुध भूल आया,

भोले ओ भोले आया दर पे, मेरे सिर पे, जरा हाथ तू

जय महाकाल जय महाकाल, जय महांकाल जय महांकाल, जो पाप ताप का

भोलेनाथ की दीवानी, गौरा रानी लागे, गौरा रानी लागे, शिव संग में

हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा शंभू शंभू शंभू शंभू

शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ । अंत काल

शिव नाम से है, जगत में उजाला । हरी भक्तो के है,

ॐ शंकर शिव भोले उमापति महादेव शंकर शिव भोले उमापति महादेव पालनहार

लिया नाम जिसने भी शिवजी का मन से, उसे भोले शंकर ने

हे भोले शंकर पधारो हे भोले शम्भू पधारो बैठे छिप के कहाँ

सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम

आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय सत्य है ईश्वर, शिव है जीवन,

एक दिन वो भोले भंडारी भजन लिरिक्स के माध्यम से भगवान शिव

मेरी अखियाँ तरस रही, भोले का दीदार पाने को, मैं भगत दीवाना

कावड़िया ले चल गंग की धार ॥ दोहा – भस्म रमाए बैठे

मेरी फरियाद सुन भोले, तेरे दर आया दीवाना, मन की मुरादें पूरी

भोले शंकर हम भक्तो से, करते कितना प्यार, हमें एक बार बता

ओ शंकर मेरे, कब होंगे दर्शन तेरे, जीवन पथ पर शाम सवेरे,

हे भोले बाबा हे भंडारी, नाम जपूँ तेरा, ओ शम्भू मेरे नाम