शंभु महादेव जय शंकरा
शंभु महादेव जय शंकरा
शंभु महादेव जय शंकरा
शंभु महादेव जय शंकरा
ओ मेरा ओ शंकर हो
मन में बैठा है तू
ओ मेरा ओ शंकर हो
मौन में बैठा है तू
हो तेरे दर्शन को
हो तेरे दर्शन को
तरसे मेरी रूह
ओ मेरा ओ शंकर हो
मौन में बैठा है तू
हो बैठा कैलाश में तू
अनंत आकाश में तू
हो बैठा कैलाश में तू
अनंत आकाश में तू
हो पग पग मैं चलया
हो पग पग मैं चलया
मिलने की आस में हूँ
मेरेया शंकरा हो
मौन में बैठा है तू
हो तू है तो मैं हूं
तुझ बिन मैं क्या हूँ
हो तू है तो मैं हूं
तुझ बिन मैं क्या हूँ
हो मन बैरागी हुआ
हो मन बैरागी हुआ
तेरी लगन में हूँ
मेरेया शंकरा हो
मौन में बैठा है तू
हो मेरी डोर बंधी
मैं तुझमें समा रहा हूँ
हो मेरी डोर बंधी
मैं तुझमें समा रहा हूँ
हो सांसो की माला में
हो सांसो की माला में
तेरा ही नाम जपूँ
माँ के दिल जैसा, दुनिया में कोई दिल नहीं: भजन (Maa Ke Dil Jaisa Duniya Mein Koi Dil Nahi)
होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा: होली भजन (Holi Khel Rahe Banke Bihari Aaj Rang Baras Raha)
बृहस्पति स्तोत्रं - स्कन्दपुराणे (Brihaspati Stotra - Skand Puran)
मेरेया शंकरा हो
मौन में बैठा है तू
हो मतलब दे रिश्ते
तेरी दुनिया में कैसे रहूँ
हो मतलब दे रिश्ते
तेरी दुनिया में कैसे रहूँ
हो आऊं जब मिलने
मैं आऊं जब मिलने
शरण में लेना तू
मेरेया शंकरा हो
मौन में बैठा है तू
जग को तारने वाला हो
मेरा भोला भंडारी
कष्ट मिटाने वाला हो
मेरा भोला भंडारी
जग को तारने वाला हो
मेरा भोला भंडारी
कष्ट मिटाने वाला हो
मेरा भोला भंडारी








