
माँ गौरी के लाल गजानन: भजन (Maa Gauri Ke Lal Gajanan)
माँ गौरी के लाल गजानन, आज आओ पधारो मेरे आँगन, गौरी शंकर
गणेश जी (गणपति, गजानन) के भजन, आरती, मंत्र और संकष्टी चतुर्थी व्रत कथाएँ।

माँ गौरी के लाल गजानन, आज आओ पधारो मेरे आँगन, गौरी शंकर

गणपति राखो मेरी लाज, गणपति राखो मेरी लाज, पूरण करियो मेरे काज,

दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है, तेरे चरणों में प्रभु, प्रणाम

गौरी सूत गणराज पधारो, आके सारे काज सवारों, तुझको आना होगा, तुझको

॥ श्लोक ॥ गजानंद आनंद करो, दो सुख सम्पति में शीश, दुश्मन

गणपति पधारो ताता थैया करते, ताता थैया करते, ठुमक ठुमक पग धरते,

गृह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर श्री गणेश भजन। जिसमें

गाइये गणपति सुबहो शाम, मंगलमूर्ति मंगलकारी, पावनकारी तेरो नाम, गाइये गणपति सुबहों

जय हो तेरी गणराज गजानन ॥ दोहा – प्रथमें गौरा जी को

गजानन चरण कमल रज दीजे, गजानन चरण कमल रज दीजें ॥ तुम्हरी

आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना, हे गौरीसुत गजानन,

आये है गणेश बप्पा, आज मोरे आंगना, आये मोरे आंगना, जी आये

गणपति करते चरणों में हम है नमन, करे पूजा तुम्हारी सब हो

गणेश जी के नाम से भक्तो का, कल्याण हमेशा होता है, पड़ती

जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥ एक

श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का सबसे प्रसिद्ध भगवान श्री गणेश मंदिर है, यहाँ

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको ।दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको ।हाथ लिए

जय हो जय जय है गौरी नंदनदेवा गणेशा गजाननचरणों को तेरे हम

ओम जय गौरी नन्दन, प्रभु जय गौरी नंदनगणपति विघ्न निकंदन, मंगल नि:स्पन्दनओम