आये है गणेश बप्पा,
आज मोरे आंगना,
आये मोरे आंगना,
जी आये मोरे आंगना,
आये हैं गणेश बप्पा,
आज मोरे आंगना ॥
चरण पखारूँ माथे तिलक लगाऊं रे,
प्रथमे गणेश पूजा आरती सजाऊँ रे,
झोलियाँ फैलाओ मांगो,
दिल से जो है माँगना,
आये हैं गणेश बप्पा,
आज मोरे आंगना ॥
माँ को भी लाए रिद्धि सिद्धि को भी लाए,
शुभ और लाभ संग में शिव जी भी आए,
भादो का महीना शुभ है,
पावन सुहावना,
आये हैं गणेश बप्पा,
आज मोरे आंगना ॥
बल और बुद्धि साहस करते प्रदान है,
बोलो तो गणेश बप्पा बड़े ही महान है,
प्रेम से पुकारो ‘योगी’,
देव आए आंगना,
आये हैं गणेश बप्पा,
आज मोरे आंगना ॥
जम्भेश्वर आरती: ओ३म् शब्द सोऽहं ध्यावे (Jambheshwar Aarti Om Shabd Sohan Dhyave)
माँ तुलसी अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (Tulsi Ashtottara Shatnam Namavali)
आये है गणेश बप्पा,
आज मोरे आंगना,
आये मोरे आंगना,
जी आये मोरे आंगना,
आये हैं गणेश बप्पा,
आज मोरे आंगना ॥








