गणपति करते चरणों में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन,
शिव गौरा के लाल को ध्याते है हम,
हे गणपति तुमको मनाते है हम,
गणपति करते चरणो में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन ॥
बड़ी सुन्दर निराली तुम्हारी छवि,
बोलेगी ये मूरत लगे है अभी,
गणपति करते चरणो में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन ॥
शीश सुन्दर मुकुट गणपति के सजा,
रूप ऐसा है भक्तो पे जादू करा,
गणपति करते चरणो में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन ॥
करे आरती वंदन करे हम भजन,
आपके नाम से ही लगा ली लगन,
गणपति करते चरणो में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन ॥
भोग मोदक का ही देवा भाये तुम्हे,
भक्त हाथों से अपने खिलाए तुम्हे,
गणपति करते चरणो में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन ॥
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गुरु आसन समराथल भाग 4 ( Samarathal Dhora Katha )
अपने भक्तो के देवा तुम कष्ट हरो,
विनती है सदा ही तुम किरपा करो,
गणपति करते चरणो में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन ॥
गणपति करते चरणों में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन,
शिव गौरा के लाल को ध्याते है हम,
हे गणपति तुमको मनाते है हम,
गणपति करते चरणो में हम है नमन,
करे पूजा तुम्हारी सब हो के मगन ॥








