
सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो – भजन (Sar Ko Jhukalo Sherawali Ko Manalo)
सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो, चलो दर्शन पालो चल के ।
माँ दुर्गा, अम्बे, काली, पार्वती और सभी देवी माँ के भजन, आरती, चालीसा और स्तोत्र।

सर को झुकालो, शेरावाली को मानलो, चलो दर्शन पालो चल के ।

मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ, दोनों मैया बड़ी प्यारी है ।

माँ का नाम जपे जा हर पल, लागे ना कोई मोल रे,

तेरे दर पे ओ मेरी मईया, तेरे दीवाने आए हैं, भर दे

जो देना हो तो मईया, उपहार ये देना, तेरी ममता पर थोड़ा,

ओ मैया मैं तुम्हारा, लगता नहीं कोई, पर जितना किया तुमने, करता

मैया सुनले मेरी अरदास, सहारा मुझे दे दातिए, मैं भी हार के

जय माता दी बोल, चली आएगी भवानी, आएगी भवानी चली, आएगी भवानी,

पार करो मेरा बेडा भवानी, पार करो मेरा बेडा। गहरी नदिया नाव

करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं, स्वीकार करो माँ, मझधार में, मैं अटकी,

बारिशों की छम छम में बारिशों की छम छम में, तेरे दर

मैया री एक भाई दे दे दे दे, ना तो मैं मर

दर्शन की प्यासी नजरिया, मैया लीजे खबरिया ॥ खप्पर वाली माँ जगदम्बा,

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड तेरे द्वार खडे ।

जय जयकार माता की, आओ शरण भवानी की एक बार फिर प्रेम

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, हो रही जय जय कार

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी। ज्योत जगा के, सर को झुका

दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ॥ जय बोलो जय माता

मन लेके आया, माता रानी के भवन में बड़ा सुख पाया, बड़ा

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