
आरती: जय जय तुलसी माता (Aarti: Jai Jai Tulsi Mata)
जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी
माँ दुर्गा, अम्बे, काली, पार्वती और सभी देवी माँ के भजन, आरती, चालीसा और स्तोत्र।

जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी

आरती भारत माता की,जगत के भाग्य विधाता की ।आरती भारत माता की,ज़गत

जगजननी जय! जय!!माँ! जगजननी जय! जय!!भयहारिणि, भवतारिणि,माँ भवभामिनि जय! जय ॥जगजननी जय

नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की

जय वैष्णवी माता,मैया जय वैष्णवी माता ।हाथ जोड़ तेरे आगे,आरती मैं गाता

ॐ जय कैला रानी,मैया जय कैला रानी ।ज्योति अखंड दिये माँतुम सब

जय पार्वती माता,जय पार्वती माताब्रह्मा सनातन देवी,शुभ फल की दाता ।॥ जय

आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥जगत जननी

जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता ।आदि ज्योति महारानी,सब फल की दाता

ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता।विष्णु पूजा व्रत को धारण

त्योहार सरस्वती पूजा, वसंत पंचमी व केंद्रीय विद्यालयों, सरस्वती शिशु मंदिर, डी

जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता ।सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता ॥जय जय

जय जय संकटा भवानी,करहूं आरती तेरी ।शरण पड़ी हूँ तेरी माता,अरज सुनहूं

ॐ जय श्री राणी सती माता,मैया जय राणी सती माता ।अपने भक्त

जय काली माता, माँ जय महा काली माँ।रतबीजा वध कारिणी माता।सुरनर मुनि

जय अहोई माता,जय अहोई माता ।तुमको निसदिन ध्यावत,हर विष्णु विधाता ॥ॐ जय

चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी,जग को तारो भोली माँजन को तारो भोली माँ,काली

जयति जय गायत्री माता,जयति जय गायत्री माता ।सत् मारग पर हमें चलाओ,जो

हरि ओम श्री शाकुम्भरी अंबा जी की आरती क़ीजोएसी अद्वभुत रूप हृदय

श्री मातेश्वरी जय त्रिपुरेश्वरी ।राजेश्वरी जय नमो नमः ॥करुणामयी सकल अघ हारिणी