जय हो शिव भोला भंडारी,
लीला अपरंपार तुम्हारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
तेरे भक्त पे संकट भारी,
रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
॥ जय हो शिव भोला भंडारी…॥
मेरी विनती सुनो हे अवनाशी,
किरपा करदो प्रभु घट-घट वासी,
अब तो लेलो खबर हमारी,
तुम हो भक्तो के हितकारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
॥ जय हो शिव भोला भंडारी…॥
मेरी नैया फसी प्रभु मझधार में,
कोई तुमसा दयालु न संसार में,
माना पतित बड़ा भारी,
भोले आप हो मंगलकारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
॥ जय हो शिव भोला भंडारी…॥
आप के चरणों की धूल जो पाएंगे,
सारे बदल वो दुःख के झट जायेगे,
तूने उसकी बिपदा टाली,
आया शरण जो नाथ तुम्हारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
जय हो शिव भोला भंडारी,
लीला अपरंपार तुम्हारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए,
तेरे भक्त पे संकट भारी,
रक्षा कीजिये हे त्रिपुरारी,
लेके नाम, तेरा नाम,
तेरे धाम आ गए
राजा लूणकरण एवं महमद खां तथा समराथल ....भाग 6
बावन श्लोकी श्री गुरुचरित्र (Bavanna Shokli Gurucharitra)
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