राम कहने से तर जाएगा,
पार भव से उतर जायेगा।
उस गली होगी चर्चा तेरी,
जिस गली से गुजर जायेगा।
॥ राम कहने से तर जाएगा…॥
बड़ी मुश्किल से नर तन मिला,
कल ना जाने किधर जाएगा।
॥ राम कहने से तर जाएगा…॥
अपना दामन तो फैला ज़रा,
कोई दाता भर जाएगा।
॥ राम कहने से तर जाएगा…॥
सब कहेंगे कहानी तेरी,
जब इधर से उधर जाएगा।
॥ राम कहने से तर जाएगा…॥
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याद आएगी चेतन तेरी,
काम ऐसा जो कर जाएगा।
॥ राम कहने से तर जाएगा…॥
राम कहने से तर जाएगा,
पार भव से उत्तर जायेगा।
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