
राम से बड़ा राम का नाम, जो सुमिरे भव पार हो जाए: भजन (Ram Se Bada Ram Ka Naam Jo Sumire Bhav Paar Ho Jaye)
राम से बड़ा राम का नाम, जो सुमिरे भव पार हो जाए,

राम से बड़ा राम का नाम, जो सुमिरे भव पार हो जाए,

रामा केहि विधि, आऊं मैं पास तिहारे, रामा केहि बिधि, रामा केहि

आज राम मेरे घर आए, मेरे राम मेरे घर आए, नी मैं

कोई ऐसी खोल नहीं है, जिसमें तू छुप पायेगा ॥ दोहा –

किरपा मिलेगी श्री राम जी की, भक्ति करो, भक्ति करो, दया मिलिगी

दुनिया मे देव हजारो हैं, बजरंग बली का क्या कहना इनकी शक्ति

यदि नाथ का नाम दयानिधि है, तो दया भी करेंगे कभी ना

श्री राम से कह देना, एक बात अकेले में, रोता है भरत

जय सियाराम, बोलो जय सियाराम जय सियाराम, बोलो जय सियाराम राम के

भगवा रंग चढ़ा है ऐसा, और रंग ना भाएगा, जय श्री राम

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना

जन जन का उद्धार, करेगी राम कथा, जन जन का कल्याण, करेगी

राम दशरथ के घर जन्मे, घराना हो तो ऐसा हो, घराना हो

प्रभु राम का सुमिरन कर, हर दुःख मिट जाएगा, यही राम नाम

श्री रामायण प्रारम्भ स्तुति, जो सुमिरत सिधि होइ गन नायक करिबर बदन

शबरी तुम्हरी बाट निहारे, वो तो रामा रामा पुकारे, कब आओगे मेरे

तन रंगा मेरा मन रंगा, इस रंग में अंग अंग रंगा, सीता

राम का प्यारा है, सिया दुलारा है, संकट हारा है, हनुमान हनुमान,

लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है, हनुमान गढ़ी में बैठे, अयोध्या की

एक दिन बोले प्रभु रामचंद्र, मैं मन की बात बताता हूँ, तुम