॥ सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः ॥
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9 नवंबर 2026, सोमवार • रोज़ अपडेट

आज का पंचांग: परभणी

आज 9 नवंबर 2026, सोमवार को परभणी में कृष्ण अमावस्या तिथि दोपहर 12:32 तक और स्वाति नक्षत्र सुबह 7:23 तक है। सूर्योदय सुबह 6:27, सूर्यास्त शाम 5:46 और राहु काल सुबह 7:51 से सुबह 9:16 तक है।

गणना: जम्भ भक्ति • समय: परभणी (IST) • लाहिड़ी अयनांश
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आज का पंचांग (परभणी)

तिथिकृष्ण अमावस्या (दोपहर 12:32 तक)
शुक्ल प्रतिपदा (10 नवंबर, दोपहर 2:01 तक)
नक्षत्रस्वाति (सुबह 7:23 तक)
विशाखा (10 नवंबर, सुबह 9:18 तक)
योगसौभाग्य (10 नवंबर, देर रात 2:55 तक)
शोभन (11 नवंबर, देर रात 3:08 तक)
करणनाग (दोपहर 12:32 तक)
किंस्तुघ्न (10 नवंबर, देर रात 1:13 तक)
बव (10 नवंबर, दोपहर 2:01 तक)
वारसोमवार
चंद्र राशितुला (10 नवंबर, देर रात 2:47 तक)
वृश्चिक (12 नवंबर, दोपहर 2:18 तक)
सूर्य राशितुला
सूर्योदय / सूर्यास्तसुबह 6:27 / शाम 5:46
चंद्रोदय / चंद्रास्तसुबह 6:19 / शाम 5:37

आज का हिंदू माह और व्रत-त्योहार

हिंदू माहकार्तिक, कृष्ण पक्ष
विक्रम संवत2083
व्रत-त्योहारकार्तिक अमावस्या, सोमवती अमावस्या

हिंदू माह पूर्णिमांत पद्धति (उत्तर भारत) से है। व्रत-त्योहार की तारीख नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार है, ज़्यादातर शहरों में यही रहती है।

आज के अशुभ समय (परभणी)

राहु कालसुबह 7:51 से सुबह 9:16
यमगंडसुबह 10:41 से दोपहर 12:06
गुलिक कालदोपहर 1:31 से दोपहर 2:56

आज के शुभ मुहूर्त (परभणी)

अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:43 से दोपहर 12:29
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:45 से सुबह 5:36

आज का चौघड़िया (परभणी)

हरे नाम (अमृत, शुभ, लाभ, चर) शुभ और लाल नाम (उद्वेग, काल, रोग) अशुभ माने जाते हैं। अभी चल रहा चौघड़िया हल्के रंग में दिखता है।

दिन का चौघड़िया
दिन का चौघड़ियासमय
अमृतसुबह 6:27 से सुबह 7:51
कालसुबह 7:51 से सुबह 9:16
शुभसुबह 9:16 से सुबह 10:41
रोगसुबह 10:41 से दोपहर 12:06
उद्वेगदोपहर 12:06 से दोपहर 1:31
चरदोपहर 1:31 से दोपहर 2:56
लाभदोपहर 2:56 से शाम 4:21
अमृतशाम 4:21 से शाम 5:46
रात का चौघड़िया
रात का चौघड़ियासमय
चरशाम 5:46 से शाम 7:21
रोगशाम 7:21 से रात 8:56
कालरात 8:56 से रात 10:31
लाभरात 10:31 से देर रात 12:06
उद्वेगदेर रात 12:06 से देर रात 1:42
शुभदेर रात 1:42 से देर रात 3:17
अमृतदेर रात 3:17 से सुबह 4:52
चरसुबह 4:52 से सुबह 6:27

परभणी में साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त (2026)

परभणी में 2026 में सबसे लंबा दिन जून में (लगभग 13 घंटे 18 मिनट) और सबसे छोटा दिन दिसंबर में (लगभग 10 घंटे 59 मिनट) होता है। राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त दिन की लंबाई से ही निकलते हैं, इसलिए हर महीने इनका समय बदलता है।

तारीखसूर्योदयसूर्यास्तदिन की लंबाई
15 जनवरीसुबह 6:59शाम 6:0511 घंटे 6 मिनट
15 फ़रवरीसुबह 6:51शाम 6:2211 घंटे 31 मिनट
15 मार्चसुबह 6:31शाम 6:3212 घंटे 1 मिनट
15 अप्रैलसुबह 6:05शाम 6:4012 घंटे 35 मिनट
15 मईसुबह 5:47शाम 6:5013 घंटे 3 मिनट
15 जूनसुबह 5:44शाम 7:0213 घंटे 18 मिनट
15 जुलाईसुबह 5:53शाम 7:0413 घंटे 11 मिनट
15 अगस्तसुबह 6:03शाम 6:5112 घंटे 48 मिनट
15 सितंबरसुबह 6:10शाम 6:2512 घंटे 15 मिनट
15 अक्टूबरसुबह 6:16शाम 6:0011 घंटे 44 मिनट
15 नवंबरसुबह 6:30शाम 5:4411 घंटे 14 मिनट
15 दिसंबरसुबह 6:48शाम 5:4710 घंटे 59 मिनट

परभणी के पास के शहरों का पंचांग

परभणी के पंचांग से जुड़े सवाल

परभणी में आज सूर्योदय कितने बजे है?

9 नवंबर 2026, सोमवार को परभणी में सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 5:46 पर है।

परभणी में आज राहु काल कब है?

9 नवंबर 2026, सोमवार को परभणी में राहु काल सुबह 7:51 से सुबह 9:16 तक है। इस समय नया शुभ काम शुरू नहीं किया जाता।

परभणी में आज कौन सी तिथि है?

सूर्योदय के समय कृष्ण अमावस्या तिथि है, जो दोपहर 12:32 तक रहेगी।

परभणी में आज अभिजीत मुहूर्त कब है?

9 नवंबर 2026, सोमवार को परभणी में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 से दोपहर 12:29 तक है।

परभणी का पंचांग दिल्ली से अलग क्यों है?

आज परभणी में सूर्योदय नई दिल्ली से 11 मिनट पहले होता है, इसलिए यहाँ राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त का समय भी दिल्ली से अलग रहता है। तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में एक ही पल बदलते हैं, पर सूर्योदय पर आधारित समय हर शहर का अपना होता है।

सभी समय परभणी (भारतीय समय) के अनुसार हैं। जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना, लाहिड़ी अयनांश। शहरों की सूची: GeoNames (CC BY 4.0)।

पंचांग के 5 अंग क्या हैं?

अंगक्या बताता है
तिथिचंद्रमा सूर्य से कितना आगे है। हर 12 अंश पर तिथि बदलती है, महीने में 30 तिथियाँ होती हैं।
वारसप्ताह का दिन। हिंदू पंचांग में वार सूर्योदय से सूर्योदय तक माना जाता है।
नक्षत्रचंद्रमा 27 नक्षत्रों में से किसमें है। नक्षत्र लगभग एक दिन में बदलता है।
योगसूर्य और चंद्रमा के स्थान का जोड़। ये भी 27 होते हैं।
करणतिथि का आधा भाग। कुल 11 करण होते हैं, विष्टि करण को भद्रा कहते हैं।

पंचांग देखकर काम कैसे चुनें?

नया काम शुरू करने से पहले राहु काल देखकर उससे बचा जाता है, और चौघड़िया में अमृत, शुभ या लाभ का समय चुना जाता है। पूजा-पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त अच्छे माने जाते हैं। व्रत की तारीखें एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा की सूचियों में देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आज कौन सी तिथि और नक्षत्र है?

पेज के सबसे ऊपर आज की तिथि, नक्षत्र और उनके खत्म होने का समय दिया है। यह जानकारी हर रात 12 बजे अपने आप अगले दिन की हो जाती है।

पंचांग के 5 अंग कौन से हैं?

पंचांग के पाँच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पाँच अंगों से किसी दिन का पूरा पंचांग बनता है।

नक्षत्र कितने होते हैं?

नक्षत्र 27 होते हैं। चंद्रमा का रास्ता 27 बराबर हिस्सों में बँटा है और हर हिस्सा 13 अंश 20 कला का होता है। चंद्रमा जिस हिस्से में हो, वही उस समय का नक्षत्र है।

योग कितने होते हैं?

योग भी 27 होते हैं। सूर्य और चंद्रमा के स्थान को जोड़कर 13 अंश 20 कला के हिस्सों में बाँटा जाता है, उसी से योग निकलता है।

करण क्या होता है?

करण तिथि का आधा हिस्सा है, इसलिए हर तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें 7 बार-बार आते हैं और 4 महीने में एक बार। विष्टि करण को भद्रा भी कहते हैं।

आज राहु काल कब है?

आज का राहु काल पेज के ऊपर दिया है। अपने शहर पर क्लिक करके वहाँ का सही समय देखें।

अलग-अलग शहरों का पंचांग अलग क्यों होता है?

तिथि, नक्षत्र और योग पूरे भारत में एक ही समय पर बदलते हैं, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त हर शहर में अलग होते हैं। राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए ये हर शहर में अलग होते हैं। बीकानेर और जोधपुर में सूर्योदय दिल्ली से लगभग 10-15 मिनट बाद होता है।

चंद्र राशि क्या होती है?

चंद्रमा जिस राशि में होता है, उसे चंद्र राशि कहते हैं। चंद्रमा लगभग सवा दो दिन में राशि बदलता है।

यह पंचांग कैसे बनता है? जम्भ भक्ति किसी दूसरी वेबसाइट से पंचांग कॉपी नहीं करता। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति खगोलीय गणित (एफ़ेमेरिस) से निकाली जाती है, नक्षत्र और राशि के लिए लाहिड़ी अयनांश लिया जाता है, और सूर्योदय-सूर्यास्त हर शहर के अक्षांश-देशांतर से निकाले जाते हैं। तिथि, नक्षत्र, योग, राहु काल और अभिजीत मुहूर्त के समय को प्रचलित पंचांगों से मिलाकर जाँचा गया है, जिनमें अंतर आमतौर पर 1-2 मिनट का रहा। बड़े मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंडित या पंचांग से भी मिला लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएँ।

यह भी देखें

राहु कालयमगंड और गुलिक भीचौघड़ियादिन और रात काशुभ मुहूर्तअभिजीत और ब्रह्म मुहूर्तआज की तिथिहिंदू माह और व्रतएकादशी लिस्ट 2027तारीख और पारणअमावस्या लिस्ट 2027तारीख और समयपूर्णिमा लिस्ट 2027व्रत और स्नान-दानप्रदोष व्रत लिस्ट 2027पूजा का समयहिंदू कैलेंडर 2027सभी व्रत-त्योहारग्रहण 2027सूर्य-चंद्र ग्रहण और सूतकसंकष्टी चतुर्थी 2027तारीख और चंद्रोदयमासिक शिवरात्रि 2027महाशिवरात्रि भीपंचक 2027कब से कब तकभद्रा 2027शुरू और खत्म का समयसंक्रांति 2027मकर संक्रांति और खरमासग्रह गोचर 2027शनि, गुरु, राहु और साढ़ेसातीशुभ मुहूर्त 2027विवाह, गृह प्रवेश, वाहन, संपत्तिविवाह मुहूर्त 2027शादी की शुभ तारीखगृह प्रवेश मुहूर्त 2027नए घर की शुभ तारीखजन्म कुंडलीलग्न, ग्रह, भाव और महादशाकुंडली मिलान36 गुण, नाड़ी और भकूट दोषमांगलिक दोषमंगल किस भाव में, परिहारनाम अक्षरनक्षत्र और राशि से पहला अक्षर