
मेरे श्याम धणी की मोरछड़ी: भजन (Mere Shyam Dhani Ki Morchadi)
मेरे श्याम धणी की मोरछड़ी, पल भर में जादू कर जाएगी, गर
श्री कृष्ण, राधा रानी और श्याम के भजन, आरती, गोपी गीत और कथाएँ हिंदी में।

मेरे श्याम धणी की मोरछड़ी, पल भर में जादू कर जाएगी, गर

मेलो फागण को खाटू में चालो, श्याम ने रंगस्या जी, मेलो फागण

आयो नंदगांव से होली खेलन नटवर नंद किशोर । आयो नंदगांव से

फाग* खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर । फाग खेलन बरसाने

रास कुन्जन में ठहरायो, रास मधुबन में ठररायो, सखियाँ जोवे बाँट, साँवरो

होली खेलन आयो श्याम होली खेलन आयो श्याम, आज याहि* रंग में

भगवान कृष्ण के बचपन का निवास ब्रज क्षेत्र यानी मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन,

कि बन गए नन्दलाल लिलिहारि, री लीला गुदवाय लो प्यारी । दृगन

॥ श्याम स्तुति ॥ हाथ जोड़ विनती करूं सुणियों चित्त लगाय, दास

कारे से लाल बनाए गयी रे, गोरी बरसाने वारी, बरसाने वारी,गोरी बरसाने

नेक आगे आ, श्याम तोपे रंग डारुं, नेक आगे आ, हाँ रे,

होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा , और झूम रही

हार के आया मैं जग सारा, तेरी चौखट पर, तुमसे ही है

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ ऐसो रास

भजो रे भैया, राम गोविंद हरि, राम गोविंद हरि, भजो रे भईया,

बाबा श्याम तू कद सुणसी रे, टाबरिया री दर्शन ताईं, आंख्या तरसी

लाज रखो हे कृष्ण मुरारी,हे गिरधारी हे बनवारी,हे गिरधारी हे बनवारी,लाज रखों

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाए,नजर लग जाए रे,जुलम होय जाए,दिखाऊँ कोनी लाड़लो,नजर

ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।खाटू धाम विराजत,अनुपम

श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।आरती गाऊं