श्याम ने रंगस्या जी: भजन (Shyam Ne Rangsya Ji)

jambh bhakti logo

मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रंगस्या जी,
मेलो फागण को ॥

रंग भरी पिचकारी लेकर,
खाटू नगरी आवा जी,
छोटो छोटो हाथा से म्हे,
रंग लगावा जी,
मेलो फागण को,
मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रँगस्या जी,
मेलो फागण को ॥

लाल गुलाबी नीला पीला,
रंग से खाटू रंगस्या जी,
ऐसो करा धमाल के बाबो,
रुक ना पावे जी,
मेलो फागण को,
मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रँगस्या जी,
मेलो फागण को ॥

भगता के संग होली खेलन,
श्याम धणी अब आयो जी,
देख म्हाने सांवरिये को,
जी ललचावे जी,
मेलो फागण को,
मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रँगस्या जी,
मेलो फागण को ॥

‘नवीन’ सुनावे फाग श्याम ने,
संग भक्ता रो रेलो जी,
सांवरियो म्हने रंग लगावे,
म्हे भी नाचा जी,
मेलो फागण को,
मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रँगस्या जी,
मेलो फागण को ॥

वृंदावनी वेणू: भजन (Vrindavani Venu)

भक्तामर स्तोत्र - भक्तामर-प्रणत-मौलि-मणि-प्रभाणा (Bhaktamara Stotra)

शिव शम्भू सा निराला, कोई देवता नहीं है - भजन (Shiv Shambhu Sa Nirala Koi Devta Nahi Hai)

मेलो फागण को खाटू में चालो,
श्याम ने रंगस्या जी,
मेलो फागण को ॥

Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment