श्री सूर्य देव – जय जय रविदेव (Shri Surya Dev – Jai Jai Ravidev)

जय जय जय रविदेव,
जय जय जय रविदेव ।
रजनीपति मदहारी,
शतलद जीवन दाता ॥
पटपद मन मदुकारी,
हे दिनमण दाता ।
जग के हे रविदेव,
जय जय जय स्वदेव ॥

नभ मंडल के वाणी,
ज्योति प्रकाशक देवा ।
निजजन हित सुखराशी,
तेरी हम सब सेवा ॥

करते हैं रविदेव,
जय जय जय रविदेव ।
कनक बदन मन मोहित,
रुचिर प्रभा प्यारी ॥

नित मंडल से मंडित,
अजर अमर छविधारी ।
हे सुरवर रविदेव,
जय जय जय रविदेव ॥

चालीसा: भगवान श्री शीतलनाथ जी (Bhagwan Shri Sheetalnath Ji)

सो सतगुरु प्यारा मेरे नाल है - शब्द कीर्तन (So Satguru Pyara Mere Naal Hai)

स्वर्ग खोलने की कूंची (श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान ने बताया)

जय जय जय रविदेव,
जय जय जय रविदेव ।
रजनीपति मदहारी,
शतलद जीवन दाता ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment