आज का पंचांग: बारीपदा
आज 7 नवंबर 2026, शनिवार को बारीपदा में कृष्ण त्रयोदशी तिथि सुबह 10:49 तक और चित्रा नक्षत्र 8 नवंबर सुबह 5:52 तक है। सूर्योदय सुबह 5:49, सूर्यास्त शाम 5:03 और राहु काल सुबह 8:38 से सुबह 10:02 तक है।
आज का पंचांग (बारीपदा)
कृष्ण चतुर्दशी (8 नवंबर, सुबह 11:29 तक)
आयुष्मान (9 नवंबर, देर रात 3:01 तक)
विष्टि (भद्रा) (रात 11:06 तक)
शकुनि (8 नवंबर, सुबह 11:29 तक)
तुला (10 नवंबर, देर रात 2:47 तक)
आज का हिंदू माह और व्रत-त्योहार
हिंदू माह पूर्णिमांत पद्धति (उत्तर भारत) से है। व्रत-त्योहार की तारीख नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार है, ज़्यादातर शहरों में यही रहती है।
आज के अशुभ समय (बारीपदा)
आज के शुभ मुहूर्त (बारीपदा)
आज का चौघड़िया (बारीपदा)
हरे नाम (अमृत, शुभ, लाभ, चर) शुभ और लाल नाम (उद्वेग, काल, रोग) अशुभ माने जाते हैं। अभी चल रहा चौघड़िया हल्के रंग में दिखता है।
| दिन का चौघड़िया | समय |
|---|---|
| काल | सुबह 5:49 से सुबह 7:13 |
| शुभ | सुबह 7:13 से सुबह 8:38 |
| रोग | सुबह 8:38 से सुबह 10:02 |
| उद्वेग | सुबह 10:02 से सुबह 11:26 |
| चर | सुबह 11:26 से दोपहर 12:50 |
| लाभ | दोपहर 12:50 से दोपहर 2:15 |
| अमृत | दोपहर 2:15 से दोपहर 3:39 |
| काल | दोपहर 3:39 से शाम 5:03 |
| रात का चौघड़िया | समय |
|---|---|
| लाभ | शाम 5:03 से शाम 6:39 |
| उद्वेग | शाम 6:39 से रात 8:15 |
| शुभ | रात 8:15 से रात 9:51 |
| अमृत | रात 9:51 से रात 11:26 |
| चर | रात 11:26 से देर रात 1:02 |
| रोग | देर रात 1:02 से देर रात 2:38 |
| काल | देर रात 2:38 से सुबह 4:14 |
| लाभ | सुबह 4:14 से सुबह 5:50 |
बारीपदा में साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त (2026)
बारीपदा में 2026 में सबसे लंबा दिन जून में (लगभग 13 घंटे 28 मिनट) और सबसे छोटा दिन दिसंबर में (लगभग 10 घंटे 49 मिनट) होता है। राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त दिन की लंबाई से ही निकलते हैं, इसलिए हर महीने इनका समय बदलता है।
| तारीख | सूर्योदय | सूर्यास्त | दिन की लंबाई |
|---|---|---|---|
| 15 जनवरी | सुबह 6:24 | शाम 5:20 | 10 घंटे 56 मिनट |
| 15 फ़रवरी | सुबह 6:14 | शाम 5:40 | 11 घंटे 26 मिनट |
| 15 मार्च | सुबह 5:51 | शाम 5:52 | 12 घंटे 1 मिनट |
| 15 अप्रैल | सुबह 5:23 | शाम 6:03 | 12 घंटे 40 मिनट |
| 15 मई | सुबह 5:03 | शाम 6:15 | 13 घंटे 12 मिनट |
| 15 जून | सुबह 4:59 | शाम 6:27 | 13 घंटे 28 मिनट |
| 15 जुलाई | सुबह 5:08 | शाम 6:29 | 13 घंटे 21 मिनट |
| 15 अगस्त | सुबह 5:20 | शाम 6:14 | 12 घंटे 54 मिनट |
| 15 सितंबर | सुबह 5:29 | शाम 5:46 | 12 घंटे 17 मिनट |
| 15 अक्टूबर | सुबह 5:38 | शाम 5:18 | 11 घंटे 40 मिनट |
| 15 नवंबर | सुबह 5:54 | शाम 5:00 | 11 घंटे 6 मिनट |
| 15 दिसंबर | सुबह 6:13 | शाम 5:02 | 10 घंटे 49 मिनट |
बारीपदा के पास के शहरों का पंचांग
बारीपदा के पंचांग से जुड़े सवाल
बारीपदा में आज सूर्योदय कितने बजे है?
7 नवंबर 2026, शनिवार को बारीपदा में सूर्योदय सुबह 5:49 और सूर्यास्त शाम 5:03 पर है।
बारीपदा में आज राहु काल कब है?
7 नवंबर 2026, शनिवार को बारीपदा में राहु काल सुबह 8:38 से सुबह 10:02 तक है। इस समय नया शुभ काम शुरू नहीं किया जाता।
बारीपदा में आज कौन सी तिथि है?
सूर्योदय के समय कृष्ण त्रयोदशी तिथि है, जो सुबह 10:49 तक रहेगी।
बारीपदा में आज अभिजीत मुहूर्त कब है?
7 नवंबर 2026, शनिवार को बारीपदा में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:04 से सुबह 11:49 तक है।
बारीपदा का पंचांग दिल्ली से अलग क्यों है?
आज बारीपदा में सूर्योदय नई दिल्ली से 48 मिनट पहले होता है, इसलिए यहाँ राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त का समय भी दिल्ली से अलग रहता है। तिथि और नक्षत्र पूरे भारत में एक ही पल बदलते हैं, पर सूर्योदय पर आधारित समय हर शहर का अपना होता है।
सभी समय बारीपदा (भारतीय समय) के अनुसार हैं। जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना, लाहिड़ी अयनांश। शहरों की सूची: GeoNames (CC BY 4.0)।
पंचांग के 5 अंग क्या हैं?
| अंग | क्या बताता है |
|---|---|
| तिथि | चंद्रमा सूर्य से कितना आगे है। हर 12 अंश पर तिथि बदलती है, महीने में 30 तिथियाँ होती हैं। |
| वार | सप्ताह का दिन। हिंदू पंचांग में वार सूर्योदय से सूर्योदय तक माना जाता है। |
| नक्षत्र | चंद्रमा 27 नक्षत्रों में से किसमें है। नक्षत्र लगभग एक दिन में बदलता है। |
| योग | सूर्य और चंद्रमा के स्थान का जोड़। ये भी 27 होते हैं। |
| करण | तिथि का आधा भाग। कुल 11 करण होते हैं, विष्टि करण को भद्रा कहते हैं। |
पंचांग देखकर काम कैसे चुनें?
नया काम शुरू करने से पहले राहु काल देखकर उससे बचा जाता है, और चौघड़िया में अमृत, शुभ या लाभ का समय चुना जाता है। पूजा-पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त और अभिजीत मुहूर्त अच्छे माने जाते हैं। व्रत की तारीखें एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा की सूचियों में देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज कौन सी तिथि और नक्षत्र है?
पेज के सबसे ऊपर आज की तिथि, नक्षत्र और उनके खत्म होने का समय दिया है। यह जानकारी हर रात 12 बजे अपने आप अगले दिन की हो जाती है।
पंचांग के 5 अंग कौन से हैं?
पंचांग के पाँच अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हैं। इन्हीं पाँच अंगों से किसी दिन का पूरा पंचांग बनता है।
नक्षत्र कितने होते हैं?
नक्षत्र 27 होते हैं। चंद्रमा का रास्ता 27 बराबर हिस्सों में बँटा है और हर हिस्सा 13 अंश 20 कला का होता है। चंद्रमा जिस हिस्से में हो, वही उस समय का नक्षत्र है।
योग कितने होते हैं?
योग भी 27 होते हैं। सूर्य और चंद्रमा के स्थान को जोड़कर 13 अंश 20 कला के हिस्सों में बाँटा जाता है, उसी से योग निकलता है।
करण क्या होता है?
करण तिथि का आधा हिस्सा है, इसलिए हर तिथि में दो करण होते हैं। कुल 11 करण हैं, जिनमें 7 बार-बार आते हैं और 4 महीने में एक बार। विष्टि करण को भद्रा भी कहते हैं।
आज राहु काल कब है?
आज का राहु काल पेज के ऊपर दिया है। अपने शहर पर क्लिक करके वहाँ का सही समय देखें।
अलग-अलग शहरों का पंचांग अलग क्यों होता है?
तिथि, नक्षत्र और योग पूरे भारत में एक ही समय पर बदलते हैं, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त हर शहर में अलग होते हैं। राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए ये हर शहर में अलग होते हैं। बीकानेर और जोधपुर में सूर्योदय दिल्ली से लगभग 10-15 मिनट बाद होता है।
चंद्र राशि क्या होती है?
चंद्रमा जिस राशि में होता है, उसे चंद्र राशि कहते हैं। चंद्रमा लगभग सवा दो दिन में राशि बदलता है।
