मुंडन मुहूर्त 2027: मुंडन की सभी शुभ तारीख और समय
2027 में मुंडन के कुल 32 शुभ दिन हैं। सबसे ज़्यादा मुहूर्त फ़रवरी में (7 दिन) हैं, जबकि अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर में कोई शुभ दिन नहीं है। नीचे हर तारीख का नक्षत्र, तिथि और नई दिल्ली के हिसाब से शुभ समय दिया है।
मुंडन मुहूर्त 2027
| तारीख | नक्षत्र और तिथि | शुभ समय (नई दिल्ली) |
|---|---|---|
| जनवरी 2027 | ||
14जनगुरुवार जनवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनरेवती नक्षत्र, शुक्ल सप्तमी | रात 11:18 से अगले दिन सुबह 7:14 तक |
15जनशुक्रवार जनवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनरेवती नक्षत्र, शुक्ल सप्तमी | सुबह 7:14 से दोपहर 2:14 तक |
20जनबुधवार जनवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनमृगशिरा नक्षत्र, शुक्ल त्रयोदशी | सुबह 7:13 से शाम 4:17 तक |
28जनगुरुवार जनवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनचित्रा नक्षत्र, कृष्ण सप्तमी | दोपहर 3:53 से अगले दिन सुबह 4:03 तक |
| फ़रवरी 2027 | ||
1फ़रसोमवार फ़रवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनज्येष्ठा नक्षत्र, कृष्ण एकादशी | सुबह 8:42 से अगले दिन सुबह 7:08 तक |
8फ़रसोमवार फ़रवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनशतभिषा नक्षत्र, शुक्ल द्वितीया | सुबह 7:04 से अगले दिन देर रात 1:56 तक |
11फ़रगुरुवार फ़रवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनरेवती नक्षत्र, शुक्ल पंचमी | सुबह 4:55 से सुबह 7:02 तक सुबह 7:02 से अगले दिन देर रात 3:19 तक |
18फ़रगुरुवार फ़रवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनपुनर्वसु नक्षत्र, शुक्ल त्रयोदशी | दोपहर 2:28 से अगले दिन सुबह 6:56 तक |
19फ़रशुक्रवार फ़रवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनपुष्य नक्षत्र, शुक्ल त्रयोदशी | सुबह 6:56 से सुबह 11:15 तक |
24फ़रबुधवार फ़रवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनचित्रा नक्षत्र, कृष्ण पंचमी | रात 8:41 से अगले दिन सुबह 6:50 तक |
25फ़रगुरुवार फ़रवरी 2027 | मुंडन का शुभ दिनचित्रा नक्षत्र, कृष्ण पंचमी | सुबह 6:50 से रात 8:18 तक |
| मार्च 2027 | ||
5मार्चशुक्रवार मार्च 2027 | मुंडन का शुभ दिनश्रवण नक्षत्र, कृष्ण त्रयोदशी | सुबह 9:55 से अगले दिन सुबह 6:41 तक |
10मार्चबुधवार मार्च 2027 | मुंडन का शुभ दिनरेवती नक्षत्र, शुक्ल द्वितीया | सुबह 10:52 से अगले दिन सुबह 6:35 तक |
11मार्चगुरुवार मार्च 2027 | मुंडन का शुभ दिनरेवती नक्षत्र, शुक्ल तृतीया | सुबह 6:35 से दोपहर 3:38 तक |
| अप्रैल 2027 | ||
22अप्रैगुरुवार अप्रैल 2027 | मुंडन का शुभ दिनस्वाति नक्षत्र, कृष्ण द्वितीया | देर रात 3:31 से सुबह 4:43 तक |
30अप्रैशुक्रवार अप्रैल 2027 | मुंडन का शुभ दिनधनिष्ठा नक्षत्र, कृष्ण दशमी | शाम 5:14 से अगले दिन सुबह 5:40 तक |
| मई 2027 | ||
10मईसोमवार मई 2027 | मुंडन का शुभ दिनपुनर्वसु नक्षत्र, शुक्ल पंचमी | शाम 6:08 से अगले दिन देर रात 3:49 तक |
12मईबुधवार मई 2027 | मुंडन का शुभ दिनपुष्य नक्षत्र, शुक्ल सप्तमी | सुबह 5:32 से दोपहर 2:55 तक |
17मईसोमवार मई 2027 | मुंडन का शुभ दिनचित्रा नक्षत्र, शुक्ल त्रयोदशी | शाम 4:29 से अगले दिन सुबह 5:28 तक |
21मईशुक्रवार मई 2027 | मुंडन का शुभ दिनज्येष्ठा नक्षत्र, कृष्ण द्वितीया | शाम 5:24 से अगले दिन सुबह 5:26 तक |
27मईगुरुवार मई 2027 | मुंडन का शुभ दिनधनिष्ठा नक्षत्र, कृष्ण सप्तमी | शाम 5:19 से अगले दिन सुबह 5:24 तक |
28मईशुक्रवार मई 2027 | मुंडन का शुभ दिनधनिष्ठा नक्षत्र, कृष्ण सप्तमी | सुबह 5:24 से सुबह 6:27 तक |
31मईसोमवार मई 2027 | मुंडन का शुभ दिनरेवती नक्षत्र, कृष्ण एकादशी | दोपहर 12:35 से अगले दिन सुबह 5:23 तक |
| जून 2027 | ||
2जूनबुधवार जून 2027 | मुंडन का शुभ दिनअश्विनी नक्षत्र, कृष्ण त्रयोदशी | सुबह 8:29 से दोपहर 12:16 तक |
7जूनसोमवार जून 2027 | मुंडन का शुभ दिनपुनर्वसु नक्षत्र, शुक्ल तृतीया | सुबह 5:22 से दोपहर 3:26 तक |
14जूनसोमवार जून 2027 | मुंडन का शुभ दिनचित्रा नक्षत्र, शुक्ल एकादशी | सुबह 5:22 से दोपहर 2:07 तक |
23जूनबुधवार जून 2027 | मुंडन का शुभ दिनधनिष्ठा नक्षत्र, कृष्ण पंचमी | दोपहर 3:43 से अगले दिन सुबह 5:24 तक |
24जूनगुरुवार जून 2027 | मुंडन का शुभ दिनधनिष्ठा नक्षत्र, कृष्ण पंचमी | सुबह 5:24 से शाम 6:11 तक |
28जूनसोमवार जून 2027 | मुंडन का शुभ दिनअश्विनी नक्षत्र, कृष्ण दशमी | रात 10:50 से अगले दिन सुबह 5:25 तक |
| जुलाई 2027 | ||
5जुलासोमवार जुलाई 2027 | मुंडन का शुभ दिनपुनर्वसु नक्षत्र, शुक्ल द्वितीया | सुबह 5:28 से अगले दिन सुबह 5:28 तक |
9जुलाशुक्रवार जुलाई 2027 | मुंडन का शुभ दिनहस्त नक्षत्र, शुक्ल सप्तमी | रात 11:15 से अगले दिन सुबह 5:30 तक |
12जुलासोमवार जुलाई 2027 | मुंडन का शुभ दिनस्वाति नक्षत्र, शुक्ल दशमी | सुबह 11:41 से रात 11:56 तक |
2027 में किस महीने कितने मुंडन मुहूर्त हैं?
| महीना | शुभ दिन |
|---|---|
| जनवरी | 4 |
| फ़रवरी | 7 |
| मार्च | 3 |
| अप्रैल | 2 |
| मई | 7 |
| जून | 6 |
| जुलाई | 3 |
| अगस्त | 0 |
| सितंबर | 0 |
| अक्टूबर | 0 |
| नवंबर | 0 |
| दिसंबर | 0 |
मुंडन मुहूर्त कैसे तय होता है?
बच्चे का मुंडन (चूड़ाकर्म) के लिए शुभ दिन नक्षत्र, तिथि, वार और कुछ वर्जित समय देखकर तय किया जाता है। इस सूची में ये नियम लिए गए हैं:
| नियम | इस सूची में क्या लिया गया |
|---|---|
| शुभ नक्षत्र | अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती |
| वार | सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार |
| तिथि | शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया, शुक्ल पंचमी, शुक्ल सप्तमी, शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी, शुक्ल त्रयोदशी, कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया, कृष्ण पंचमी, कृष्ण सप्तमी, कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी, कृष्ण त्रयोदशी |
| भद्रा | भद्रा (विष्टि करण) का समय छोड़ा गया है |
| वर्जित समय | खरमास (सूर्य धनु या मीन में): 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 और 15 मार्च से 14 अप्रैल 2027, फिर 16 दिसंबर 2027 से |
| वर्जित समय | गुरु (बृहस्पति) अस्त: 16 अगस्त से 15 सितंबर 2027 |
| वर्जित समय | शुक्र अस्त: 14 जुलाई से 10 सितंबर 2027 |
| वर्जित समय | मुंडन आमतौर पर उत्तरायण (मकर संक्रांति से कर्क संक्रांति तक) में किया जाता है |
सही मुहूर्त कैसे चुनें?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में मुंडन के कितने मुहूर्त हैं?
2027 में मुंडन के कुल 32 शुभ दिन हैं। सबसे ज़्यादा फ़रवरी में 7 दिन हैं।
अगला मुंडन मुहूर्त कब है?
1 नवंबर 2026 के बाद अगला शुभ दिन 14 जनवरी 2027, गुरुवार को है, समय रात 11:18 से अगले दिन सुबह 7:14 तक।
मुंडन के लिए कौन से नक्षत्र शुभ हैं?
इस सूची में ये नक्षत्र लिए गए हैं: अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती।
किन महीनों में मुंडन नहीं होता?
2027 में अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर में कोई शुभ दिन नहीं है। खरमास (सूर्य धनु या मीन में): 16 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 और 15 मार्च से 14 अप्रैल 2027, फिर 16 दिसंबर 2027 से। गुरु (बृहस्पति) अस्त: 16 अगस्त से 15 सितंबर 2027। शुक्र अस्त: 14 जुलाई से 10 सितंबर 2027।
क्या यह मुहूर्त पूरे भारत के लिए है?
नक्षत्र और तिथि पूरे भारत में एक साथ बदलते हैं, इसलिए तारीखें सब जगह लगभग एक जैसी रहती हैं। समय नई दिल्ली के हिसाब से है, आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
इस सूची में दिया समय कैसे इस्तेमाल करें?
दिया गया समय वह अवधि है जिसमें नक्षत्र, तिथि और बाकी नियम शुभ हैं। इस अवधि के अंदर अच्छा लग्न और चौघड़िया देखकर मुख्य काम करें।
अलग-अलग पंचांगों में मुहूर्त अलग क्यों होते हैं?
कुछ पंचांग लग्न, चंद्र बल या दूसरे दोषों को भी जोड़ते हैं, इसलिए कुछ दिनों में फर्क आ जाता है। मुंडन के मुहूर्त में अलग-अलग पंचांगों में फर्क ज़्यादा रहता है, इसलिए बच्चे की जन्म राशि देखकर पंडित से अंतिम दिन ज़रूर तय करवाएँ।
क्या राहु काल में यह काम कर सकते हैं?
परंपरा में राहु काल में कोई नया शुभ काम शुरू नहीं किया जाता। मुहूर्त के समय में से राहु काल वाला हिस्सा छोड़ दें।
