अमावस्या कब है? अगली अमावस्या की तारीख और समय
अगली अमावस्या कार्तिक अमावस्या है। अमावस्या तिथि 8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:29 से 9 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:32 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार अमावस्या 9 नवंबर 2026, सोमवार को है (सोमवती अमावस्या, दीपावली, लक्ष्मी पूजा (शाम) 8 नवंबर को)।
उदया तिथि: 9 नवंबर 2026, सोमवार
आने वाली 13 अमावस्या: तारीख और समय
| तारीख (उदया तिथि) | अमावस्या | शुरू | समाप्त | विशेष |
|---|---|---|---|---|
| 9 नवंबर 2026, सोमवार | कार्तिक अमावस्या | 8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:29 | 9 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:32 | सोमवती अमावस्या, दीपावली, लक्ष्मी पूजा (शाम) 8 नवंबर को |
| 8 दिसंबर 2026, मंगलवार | मार्गशीर्ष अमावस्या | 8 दिसंबर, मंगलवार, सुबह 4:13 | 9 दिसंबर, बुधवार, सुबह 6:22 | भौमवती अमावस्या |
| 7 जनवरी 2027, गुरुवार | पौष अमावस्या | 6 जनवरी, बुधवार, रात 11:15 | 8 जनवरी, शुक्रवार, देर रात 1:55 | — |
| 6 फ़रवरी 2027, शनिवार | माघ अमावस्या | 5 फ़रवरी, शुक्रवार, शाम 7:06 | 6 फ़रवरी, शनिवार, रात 9:26 | शनिश्चरी अमावस्या, मौनी अमावस्या |
| 8 मार्च 2027, सोमवार | फाल्गुन अमावस्या | 7 मार्च, रविवार, दोपहर 1:47 | 8 मार्च, सोमवार, दोपहर 3:00 | सोमवती अमावस्या |
| 6 अप्रैल 2027, मंगलवार | चैत्र अमावस्या | 6 अप्रैल, मंगलवार, सुबह 5:41 | 7 अप्रैल, बुधवार, सुबह 5:21 | भौमवती अमावस्या |
| 6 मई 2027, गुरुवार | वैशाख अमावस्या | 5 मई, बुधवार, शाम 6:17 | 6 मई, गुरुवार, शाम 4:29 | — |
| 4 जून 2027, शुक्रवार | ज्येष्ठ अमावस्या | 4 जून, शुक्रवार, सुबह 4:06 | 5 जून, शनिवार, देर रात 1:10 | वट सावित्री व्रत, शनि जयंती |
| 4 जुलाई 2027, रविवार | आषाढ़ अमावस्या | 3 जुलाई, शनिवार, दोपहर 12:06 | 4 जुलाई, रविवार, सुबह 8:32 | — |
| 2 अगस्त 2027, सोमवार | श्रावण अमावस्या | 1 अगस्त, रविवार, शाम 7:21 | 2 अगस्त, सोमवार, दोपहर 3:35 | सोमवती अमावस्या, हरियाली अमावस्या |
| 31 अगस्त 2027, मंगलवार | भाद्रपद अमावस्या | 31 अगस्त, मंगलवार, देर रात 2:42 | 31 अगस्त, मंगलवार, रात 11:11 | भौमवती अमावस्या, कुशग्रहणी (पिठोरी) अमावस्या |
| 30 सितंबर 2027, गुरुवार | आश्विन अमावस्या | 29 सितंबर, बुधवार, सुबह 10:56 | 30 सितंबर, गुरुवार, सुबह 8:06 | सर्वपितृ अमावस्या 29 सितंबर को |
| 29 अक्टूबर 2027, शुक्रवार | कार्तिक अमावस्या | 28 अक्टूबर, गुरुवार, रात 8:49 | 29 अक्टूबर, शुक्रवार, शाम 7:07 | दीपावली, लक्ष्मी पूजा (शाम) |
अमावस्या का समय पूरे भारत में एक जैसा रहता है। व्रत आमतौर पर उदया तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) वाले दिन रखा जाता है, जबकि दीपावली जैसे पर्व प्रदोष काल की अमावस्या में मनाए जाते हैं। साल भर की सूची: अमावस्या लिस्ट 2027 • बिश्नोई अमावस्या और मेले: बिश्नोई कैलेंडर
अमावस्या पर क्या करें?
- पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान का यह खास दिन माना जाता है।
- नदी या घर पर गंगाजल मिले जल से स्नान करके सूर्य को जल दें।
- पीपल के पेड़ में जल चढ़ाकर दीपक जलाने की परंपरा है।
- बिश्नोई समाज में अमावस्या का व्रत 29 नियमों में शामिल है। यह व्रत अमावस्या लगने के समय से शुरू होकर उतरने के समय खोला जाता है, साथ में हवन और शब्दवाणी का पाठ होता है।
सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या सोमवती और शनिवार को पड़ने वाली शनिश्चरी अमावस्या कहलाती है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगली अमावस्या कब है?
अगली अमावस्या कार्तिक अमावस्या है। अमावस्या तिथि 8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:29 से 9 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:32 तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार अमावस्या 9 नवंबर 2026, सोमवार को है (सोमवती अमावस्या, दीपावली, लक्ष्मी पूजा (शाम) 8 नवंबर को)।
अमावस्या कितने बजे से कितने बजे तक है?
कार्तिक अमावस्या 8 नवंबर, रविवार, सुबह 11:29 से शुरू होकर 9 नवंबर, सोमवार, दोपहर 12:32 तक रहेगी।
अगली सोमवती अमावस्या कब है?
अगली सोमवती अमावस्या 9 नवंबर 2026, सोमवार (कार्तिक अमावस्या) को है।
अगली शनिश्चरी (शनि) अमावस्या कब है?
अगली शनिश्चरी अमावस्या 6 फ़रवरी 2027, शनिवार (माघ अमावस्या) को है।
अमावस्या का व्रत किस दिन रखें?
आमतौर पर उदया तिथि वाले दिन, यानी जिस दिन सूर्योदय के समय अमावस्या हो। अगर अमावस्या दो दिन में बँटी हो तो अपने पंडित या परिवार की परंपरा मानें।
अमावस्या पर क्या दान करें?
परंपरा में अमावस्या पर अन्न, वस्त्र, तिल और ज़रूरतमंदों को भोजन का दान शुभ माना जाता है।
