9 ग्रह (नवग्रह): नाम, वार, रत्न, मंत्र और राशि
भारतीय ज्योतिष में 9 ग्रह माने जाते हैं: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु। नीचे हर ग्रह का वार, स्वराशि, उच्च-नीच राशि, रत्न, बीज मंत्र, महादशा के वर्ष और राशि बदलने का समय दिया गया है।
आज सूर्य और चंद्रमा की राशि
7 नवंबर 2026, शनिवार। बाकी ग्रहों का राशि परिवर्तन ग्रह गोचर 2027 में और अपनी जन्म कुंडली के ग्रह कुंडली टूल में देखें।
9 ग्रहों के वार, राशि, रत्न और महादशा
| ग्रह | अंग्रेज़ी | वार | स्वराशि | उच्च राशि | नीच राशि | रत्न | रंग | महादशा |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सूर्य | Sun | रविवार | सिंह | मेष | तुला | माणिक्य (रूबी) | लाल, केसरिया | 6 वर्ष |
| चंद्र | Moon | सोमवार | कर्क | वृषभ | वृश्चिक | मोती | सफ़ेद | 10 वर्ष |
| मंगल | Mars | मंगलवार | मेष, वृश्चिक | मकर | कर्क | मूंगा | लाल | 7 वर्ष |
| बुध | Mercury | बुधवार | मिथुन, कन्या | कन्या | मीन | पन्ना | हरा | 17 वर्ष |
| गुरु (बृहस्पति) | Jupiter | गुरुवार | धनु, मीन | कर्क | मकर | पुखराज | पीला | 16 वर्ष |
| शुक्र | Venus | शुक्रवार | वृषभ, तुला | मीन | कन्या | हीरा | सफ़ेद, गुलाबी | 20 वर्ष |
| शनि | Saturn | शनिवार | मकर, कुंभ | तुला | मेष | नीलम | नीला, काला | 19 वर्ष |
| राहु | Rahu | शनिवार (परंपरा अनुसार) | कोई नहीं | वृषभ (कुछ मतों में मिथुन) | वृश्चिक (कुछ मतों में धनु) | गोमेद | धुएँ जैसा, गहरा नीला | 18 वर्ष |
| केतु | Ketu | मंगलवार (परंपरा अनुसार) | कोई नहीं | वृश्चिक (कुछ मतों में धनु) | वृषभ (कुछ मतों में मिथुन) | लहसुनिया (कैट्स आई) | धूसर, चितकबरा | 7 वर्ष |
रत्न सिर्फ़ परंपरागत जानकारी के लिए दिए गए हैं। कोई भी रत्न किसी योग्य ज्योतिषी को अपनी पूरी कुंडली दिखाकर ही पहनें।
नवग्रह बीज मंत्र
| ग्रह | बीज मंत्र |
|---|---|
| सूर्य | ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः |
| चंद्र | ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः |
| मंगल | ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः |
| बुध | ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः |
| गुरु (बृहस्पति) | ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः |
| शुक्र | ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः |
| शनि | ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः |
| राहु | ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः |
| केतु | ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः |
परंपरा में ग्रह के वार को उसके मंत्र का 108 बार जप किया जाता है।
ग्रह कितने समय में राशि बदलते हैं?
| ग्रह | एक राशि में लगभग समय |
|---|---|
| सूर्य | लगभग 1 महीना |
| चंद्र | लगभग सवा 2 दिन |
| मंगल | लगभग 45 दिन |
| बुध | लगभग 3-4 सप्ताह (वक्री होने पर ज़्यादा) |
| गुरु (बृहस्पति) | लगभग 1 वर्ष |
| शुक्र | लगभग 1 महीना (वक्री होने पर ज़्यादा) |
| शनि | लगभग ढाई वर्ष |
| राहु | लगभग डेढ़ वर्ष (हमेशा वक्री) |
| केतु | लगभग डेढ़ वर्ष (हमेशा वक्री) |
चंद्रमा सबसे तेज़ और शनि सबसे धीमा चलता है। राहु और केतु हमेशा एक-दूसरे से ठीक सामने (180°) रहते हैं और उल्टी दिशा में चलते हैं।
शुभ और पाप ग्रह
नैसर्गिक शुभ ग्रह: गुरु, शुक्र, अकेला या शुभ ग्रहों के साथ बुध, और बढ़ता चंद्रमा। नैसर्गिक पाप (क्रूर) ग्रह: शनि, मंगल, सूर्य, राहु, केतु और घटता चंद्रमा। कुंडली में किसी ग्रह का असली फल उसके भाव, राशि और दूसरे ग्रहों के साथ से तय होता है।
विंशोत्तरी दशा क्रम: केतु (7), शुक्र (20), सूर्य (6), चंद्र (10), मंगल (7), राहु (18), गुरु (16), शनि (19), बुध (17), कुल 120 वर्ष।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
9 ग्रहों के नाम क्या हैं?
सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु (बृहस्पति), शुक्र, शनि, राहु और केतु। इन्हें मिलाकर नवग्रह कहते हैं।
राहु और केतु क्या हैं?
राहु और केतु छाया ग्रह हैं। ये आकाश में वे दो बिंदु हैं जहाँ चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग को काटता है। इन्हीं के पास अमावस्या या पूर्णिमा होने पर ग्रहण लगता है।
कौन सा ग्रह किस वार का स्वामी है?
रविवार सूर्य, सोमवार चंद्र, मंगलवार मंगल, बुधवार बुध, गुरुवार गुरु, शुक्रवार शुक्र और शनिवार शनि का दिन है।
सबसे धीमा ग्रह कौन सा है?
नवग्रहों में शनि सबसे धीमा है, यह एक राशि में लगभग ढाई वर्ष रहता है। इसी से साढ़ेसाती (साढ़े सात साल) बनती है।
ग्रहों के रत्न कौन से हैं?
सूर्य माणिक्य, चंद्र मोती, मंगल मूंगा, बुध पन्ना, गुरु पुखराज, शुक्र हीरा, शनि नीलम, राहु गोमेद और केतु लहसुनिया। रत्न कुंडली दिखाकर ही पहनें।
