आज का शुभ मुहूर्त: जयपुर
आज 1 नवंबर 2026, रविवार को जयपुर में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:48 से दोपहर 12:32 तक और ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:53 से सुबह 5:44 तक है। राहु काल (शाम 4:20 से शाम 5:44) में नया शुभ काम शुरू करने से बचें।
आज के शुभ मुहूर्त (जयपुर)
आज का चौघड़िया (जयपुर)
हरे नाम (अमृत, शुभ, लाभ, चर) शुभ और लाल नाम (उद्वेग, काल, रोग) अशुभ माने जाते हैं। अभी चल रहा चौघड़िया हल्के रंग में दिखता है।
| दिन का चौघड़िया | समय |
|---|---|
| उद्वेग | सुबह 6:36 से सुबह 7:59 |
| चर | सुबह 7:59 से सुबह 9:23 |
| लाभ | सुबह 9:23 से सुबह 10:46 |
| अमृत | सुबह 10:46 से दोपहर 12:10 |
| काल | दोपहर 12:10 से दोपहर 1:33 |
| शुभ | दोपहर 1:33 से दोपहर 2:57 |
| रोग | दोपहर 2:57 से शाम 4:20 |
| उद्वेग | शाम 4:20 से शाम 5:44 |
| रात का चौघड़िया | समय |
|---|---|
| शुभ | शाम 5:44 से शाम 7:20 |
| अमृत | शाम 7:20 से रात 8:57 |
| चर | रात 8:57 से रात 10:34 |
| रोग | रात 10:34 से देर रात 12:10 |
| काल | देर रात 12:10 से देर रात 1:47 |
| लाभ | देर रात 1:47 से देर रात 3:23 |
| उद्वेग | देर रात 3:23 से सुबह 5:00 |
| शुभ | सुबह 5:00 से सुबह 6:36 |
सभी समय जयपुर (भारतीय समय) के अनुसार हैं। जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना, लाहिड़ी अयनांश। अपडेट: 1 नवंबर 2026
अभिजीत मुहूर्त और ब्रह्म मुहूर्त क्या हैं?
अभिजीत मुहूर्त: सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त अभिजीत होता है। यह दोपहर के आसपास आता है। परंपरा में बुधवार को इसे नहीं लिया जाता।
ब्रह्म मुहूर्त: सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात को 15 मुहूर्तों में बाँटने पर, सूर्योदय से पहले का दूसरा आखिरी मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त है। यह ध्यान, जप और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।
2027 के शुभ मुहूर्त
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज का शुभ मुहूर्त क्या है?
आज के अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त और शुभ चौघड़िया का समय पेज के ऊपर दिया है। अपने शहर पर क्लिक करके सही समय देखें।
अभिजीत मुहूर्त क्या है?
दिन को 15 मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त अभिजीत कहलाता है। यह दोपहर के आसपास लगभग 45-50 मिनट का होता है और ज़्यादातर कामों के लिए शुभ माना जाता है।
बुधवार को अभिजीत मुहूर्त क्यों नहीं होता?
परंपरा के अनुसार बुधवार को अभिजीत मुहूर्त शुभ नहीं माना जाता, इसलिए उस दिन इसे मुहूर्त के रूप में नहीं लिया जाता।
ब्रह्म मुहूर्त कब होता है?
रात को 15 मुहूर्तों में बाँटने पर सूर्योदय से पहले के दूसरे आखिरी मुहूर्त को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं। यह सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले शुरू होता है।
ब्रह्म मुहूर्त में क्या करना चाहिए?
ब्रह्म मुहूर्त को ध्यान, जप, पूजा और पढ़ाई के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है।
विवाह और गृह प्रवेश का मुहूर्त कैसे देखें?
विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे बड़े संस्कारों के मुहूर्त में तिथि, नक्षत्र, लग्न और कई दोष देखे जाते हैं। 2027 के ऐसे सभी मुहूर्त हमारे शुभ मुहूर्त 2027 पेज पर दिए हैं, अंतिम समय अपने पंडित से तय करवाएँ।
अलग-अलग शहरों का पंचांग अलग क्यों होता है?
तिथि, नक्षत्र और योग पूरे भारत में एक ही समय पर बदलते हैं, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त हर शहर में अलग होते हैं। राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए ये हर शहर में अलग होते हैं। बीकानेर और जोधपुर में सूर्योदय दिल्ली से लगभग 10-15 मिनट बाद होता है।
राहु काल में शुभ काम क्यों नहीं करते?
परंपरा में राहु काल को नया शुभ काम शुरू करने के लिए अशुभ माना जाता है, इसलिए मुहूर्त चुनते समय राहु काल से बचा जाता है।
