पंचक 2027: पंचक कब से कब तक है, पूरी लिस्ट
2027 में 13 बार पंचक लगेगा। पंचक तब होता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि (धनिष्ठा के आखिरी आधे से रेवती तक) में रहता है, यानी लगभग 5 दिन। नीचे हर पंचक के शुरू और खत्म होने का सही समय और वार के हिसाब से उसका नाम दिया है।
पंचक लिस्ट 2026
| शुरू होने की तारीख | पंचक | शुरू और खत्म |
|---|---|---|
| नवंबर 2026 | ||
17नवंमंगलवार नवंबर 2026 | अग्नि पंचक (मंगलवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 17 नवंबर 2026, दोपहर 3:30 खत्म: 22 नवंबर 2026, सुबह 5:54 |
| दिसंबर 2026 | ||
14दिसंसोमवार दिसंबर 2026 | राज पंचक (सोमवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 14 दिसंबर 2026, रात 10:35 खत्म: 19 दिसंबर 2026, दोपहर 3:57 |
पंचक लिस्ट 2027
| शुरू होने की तारीख | पंचक | शुरू और खत्म |
|---|---|---|
| जनवरी 2027 | ||
11जनसोमवार जनवरी 2027 | राज पंचक (सोमवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 11 जनवरी 2027, सुबह 4:34 खत्म: 15 जनवरी 2027, रात 11:50 |
| फ़रवरी 2027 | ||
7फ़ररविवार फ़रवरी 2027 | रोग पंचक (रविवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 7 फ़रवरी 2027, सुबह 10:36 खत्म: 12 फ़रवरी 2027, सुबह 5:41 |
| मार्च 2027 | ||
6मार्चशनिवार मार्च 2027 | मृत्यु पंचक (शनिवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 6 मार्च 2027, शाम 5:34 खत्म: 11 मार्च 2027, सुबह 11:19 |
| अप्रैल 2027 | ||
3अप्रैशनिवार अप्रैल 2027 | मृत्यु पंचक (शनिवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 3 अप्रैल 2027, देर रात 1:32 खत्म: 7 अप्रैल 2027, शाम 6:25 |
30अप्रैशुक्रवार अप्रैल 2027 | चोर पंचक (शुक्रवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 30 अप्रैल 2027, सुबह 9:53 खत्म: 5 मई 2027, देर रात 3:14 |
| मई 2027 | ||
27मईगुरुवार मई 2027 | पंचक (गुरुवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 27 मई 2027, शाम 5:49 खत्म: 1 जून 2027, दोपहर 12:49 |
| जून 2027 | ||
24जूनगुरुवार जून 2027 | पंचक (गुरुवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 24 जून 2027, देर रात 12:50 खत्म: 28 जून 2027, रात 9:48 |
| जुलाई 2027 | ||
21जुलाबुधवार जुलाई 2027 | पंचक (बुधवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 21 जुलाई 2027, सुबह 7:03 खत्म: 26 जुलाई 2027, सुबह 5:13 |
| अगस्त 2027 | ||
17अगमंगलवार अगस्त 2027 | अग्नि पंचक (मंगलवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 17 अगस्त 2027, दोपहर 1:04 खत्म: 22 अगस्त 2027, सुबह 11:10 |
| सितंबर 2027 | ||
13सितसोमवार सितंबर 2027 | राज पंचक (सोमवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 13 सितंबर 2027, शाम 7:33 खत्म: 18 सितंबर 2027, शाम 4:47 |
| अक्टूबर 2027 | ||
11अक्टूसोमवार अक्टूबर 2027 | राज पंचक (सोमवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 11 अक्टूबर 2027, देर रात 2:55 खत्म: 15 अक्टूबर 2027, रात 11:29 |
| नवंबर 2027 | ||
7नवंरविवार नवंबर 2027 | रोग पंचक (रविवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 7 नवंबर 2027, सुबह 10:59 खत्म: 12 नवंबर 2027, सुबह 7:55 |
| दिसंबर 2027 | ||
4दिसंशनिवार दिसंबर 2027 | मृत्यु पंचक (शनिवार)चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में | शुरू: 4 दिसंबर 2027, शाम 7:07 खत्म: 9 दिसंबर 2027, शाम 5:26 |
पंचक के प्रकार
पंचक जिस वार से शुरू होता है, उसके हिसाब से उसका नाम होता है:
| शुरू होने का वार | नाम |
|---|---|
| रविवार | रोग पंचक |
| सोमवार | राज पंचक |
| मंगलवार | अग्नि पंचक |
| शुक्रवार | चोर पंचक |
| शनिवार | मृत्यु पंचक |
| बुधवार, गुरुवार | सामान्य पंचक |
पंचक में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा में पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा, लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना, घर की छत डालना, चारपाई बनवाना और कुछ अंतिम संस्कार के काम विशेष विधि के बिना नहीं किए जाते। रोज़ के काम, नौकरी, पढ़ाई और पूजा-पाठ सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में पंचक कितनी बार है?
2027 में 13 बार पंचक लगेगा। हर बार यह लगभग 5 दिन रहता है।
अगला पंचक कब से है?
अगला पंचक 17 नवंबर 2026, दोपहर 3:30 से शुरू होकर 22 नवंबर 2026, सुबह 5:54 तक रहेगा।
पंचक क्या होता है?
जब चंद्रमा धनिष्ठा नक्षत्र के आखिरी आधे से रेवती नक्षत्र तक, यानी कुंभ और मीन राशि में रहता है, उस लगभग 5 दिन के समय को पंचक कहते हैं।
पंचक कितने दिन का होता है?
चंद्रमा को कुंभ और मीन राशि पार करने में लगभग 4.5 से 5 दिन लगते हैं, इसलिए पंचक भी लगभग इतने ही दिन का होता है।
मृत्यु पंचक क्या है?
शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहते हैं। परंपरा में इसे सबसे ज़्यादा सावधानी वाला माना जाता है।
क्या पंचक में शुभ काम कर सकते हैं?
पंचक में सगाई, विवाह जैसे काम आमतौर पर टाले जाते हैं, लेकिन रोज़ के काम, पूजा-पाठ और नौकरी-व्यापार सामान्य रूप से चलते रहते हैं।
पंचक का समय कैसे निकाला जाता है?
चंद्रमा के कुंभ राशि (300 अंश) में प्रवेश से मीन राशि (360 अंश) पार करने तक का समय पंचक है। यह समय पूरे भारत में एक ही होता है।
इस लिस्ट का समय किस शहर का है?
पंचक का समय चंद्रमा की स्थिति से तय होता है, इसलिए यह पूरे भारत में एक ही समय (भारतीय मानक समय) पर शुरू और खत्म होता है।
