आज का राहु काल: नागौर
आज 1 नवंबर 2026, रविवार को नागौर में राहु काल शाम 4:28 से शाम 5:52 तक है। यमगंड दोपहर 12:18 से दोपहर 1:41 और गुलिक काल दोपहर 3:05 से शाम 4:28 तक रहेगा।
आज के अशुभ समय (नागौर)
सभी समय नागौर (भारतीय समय) के अनुसार हैं। जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना, लाहिड़ी अयनांश। अपडेट: 1 नवंबर 2026
राहु काल कैसे निकाला जाता है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। हर वार को इनमें से एक तय हिस्सा राहु काल होता है। नीचे की टेबल में समय उस दिन के लिए है जब सूर्योदय 6 बजे और सूर्यास्त 6 बजे हो। असली समय ऊपर अपने शहर में देखें।
| वार | दिन का कौन सा हिस्सा | उदाहरण समय |
|---|---|---|
| सोमवार | दूसरा | सुबह 7:30 से 9:00 |
| मंगलवार | सातवाँ | दोपहर 3:00 से 4:30 |
| बुधवार | पाँचवाँ | दोपहर 12:00 से 1:30 |
| गुरुवार | छठा | दोपहर 1:30 से 3:00 |
| शुक्रवार | चौथा | सुबह 10:30 से 12:00 |
| शनिवार | तीसरा | सुबह 9:00 से 10:30 |
| रविवार | आठवाँ | शाम 4:30 से 6:00 |
राहु काल में क्या करें और क्या न करें?
परंपरा में राहु काल को नया काम शुरू करने के लिए अशुभ माना जाता है। इसलिए इस समय में नई खरीदारी, यात्रा की शुरुआत, गृह प्रवेश या कोई शुभ संस्कार शुरू नहीं किया जाता। जो काम पहले से चल रहा हो, उसे रोकने की जरूरत नहीं है। रोज़ के काम, नौकरी और पढ़ाई सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज राहु काल कितने बजे है?
आज का राहु काल पेज के सबसे ऊपर दिया है। यह सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलता है, इसलिए अपने शहर पर क्लिक करके सही समय देखें।
राहु काल कैसे निकाला जाता है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। वार के अनुसार इनमें से एक हिस्सा राहु काल होता है, जैसे सोमवार को दूसरा और रविवार को आठवाँ।
राहु काल कितनी देर का होता है?
राहु काल दिन की लंबाई का आठवाँ हिस्सा होता है, यानी लगभग डेढ़ घंटा। सर्दियों में यह थोड़ा छोटा और गर्मियों में थोड़ा लंबा होता है।
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा में राहु काल में नया काम, नई खरीदारी, यात्रा की शुरुआत या शुभ संस्कार शुरू नहीं किए जाते। पहले से चल रहे काम जारी रखे जा सकते हैं।
क्या रात में भी राहु काल होता है?
आम तौर पर पंचांग में राहु काल दिन के समय का ही बताया जाता है, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच।
यमगंड और गुलिक काल क्या हैं?
राहु काल की तरह यमगंड और गुलिक काल भी दिन के 8 हिस्सों में से एक-एक हिस्सा हैं। यमगंड को अशुभ और गुलिक काल को भी नए काम के लिए टालने योग्य माना जाता है।
अलग-अलग शहरों का पंचांग अलग क्यों होता है?
तिथि, नक्षत्र और योग पूरे भारत में एक ही समय पर बदलते हैं, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त हर शहर में अलग होते हैं। राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए ये हर शहर में अलग होते हैं। बीकानेर और जोधपुर में सूर्योदय दिल्ली से लगभग 10-15 मिनट बाद होता है।
राहु काल रविवार को कब होता है?
रविवार को दिन का आठवाँ यानी आखिरी हिस्सा राहु काल होता है। अगर सूर्योदय 6 बजे और सूर्यास्त 6 बजे हो, तो यह शाम 4:30 से 6:00 तक रहेगा।
