आज का चौघड़िया: श्रीगंगानगर
आज 1 नवंबर 2026, रविवार को श्रीगंगानगर में दिन के शुभ चौघड़िया: लाभ सुबह 9:32 से सुबह 10:55, अमृत सुबह 10:55 से दोपहर 12:17, शुभ दोपहर 1:40 से दोपहर 3:02। सूर्योदय सुबह 6:47 और सूर्यास्त शाम 5:48 पर है।
आज का चौघड़िया (श्रीगंगानगर)
हरे नाम (अमृत, शुभ, लाभ, चर) शुभ और लाल नाम (उद्वेग, काल, रोग) अशुभ माने जाते हैं। अभी चल रहा चौघड़िया हल्के रंग में दिखता है।
| दिन का चौघड़िया | समय |
|---|---|
| उद्वेग | सुबह 6:47 से सुबह 8:10 |
| चर | सुबह 8:10 से सुबह 9:32 |
| लाभ | सुबह 9:32 से सुबह 10:55 |
| अमृत | सुबह 10:55 से दोपहर 12:17 |
| काल | दोपहर 12:17 से दोपहर 1:40 |
| शुभ | दोपहर 1:40 से दोपहर 3:02 |
| रोग | दोपहर 3:02 से शाम 4:25 |
| उद्वेग | शाम 4:25 से शाम 5:48 |
| रात का चौघड़िया | समय |
|---|---|
| शुभ | शाम 5:48 से शाम 7:25 |
| अमृत | शाम 7:25 से रात 9:03 |
| चर | रात 9:03 से रात 10:40 |
| रोग | रात 10:40 से देर रात 12:18 |
| काल | देर रात 12:18 से देर रात 1:55 |
| लाभ | देर रात 1:55 से देर रात 3:33 |
| उद्वेग | देर रात 3:33 से सुबह 5:10 |
| शुभ | सुबह 5:10 से सुबह 6:48 |
सभी समय श्रीगंगानगर (भारतीय समय) के अनुसार हैं। जम्भ भक्ति की अपनी खगोलीय गणना, लाहिड़ी अयनांश। अपडेट: 1 नवंबर 2026
चौघड़िया क्या है?
चौघड़िया में सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात को 8-8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। हर हिस्से का एक नाम होता है और वह शुभ या अशुभ माना जाता है।
| चौघड़िया | स्वभाव | किस काम के लिए |
|---|---|---|
| अमृत | सबसे शुभ | हर अच्छा काम |
| शुभ | शुभ | पूजा, विवाह जैसे काम |
| लाभ | शुभ | व्यापार, पढ़ाई, खरीदारी |
| चर | शुभ | यात्रा |
| उद्वेग | अशुभ | नया काम टालें |
| काल | अशुभ | नया काम टालें |
| रोग | अशुभ | नया काम टालें |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज का चौघड़िया कैसे देखें?
पेज के ऊपर आज के दिन और रात के आठ-आठ चौघड़िया दिए हैं। अभी चल रहा चौघड़िया हल्के रंग में दिखता है। अपने शहर पर क्लिक करके सही समय देखें।
चौघड़िया कितने प्रकार के होते हैं?
चौघड़िया 7 प्रकार के होते हैं: अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल और रोग। इनमें अमृत, शुभ, लाभ और चर शुभ माने जाते हैं।
सबसे अच्छा चौघड़िया कौन सा है?
अमृत चौघड़िया सबसे शुभ माना जाता है। शुभ और लाभ भी अच्छे हैं, और चर यात्रा के लिए अच्छा माना जाता है।
चौघड़िया कितनी देर का होता है?
दिन और रात दोनों को 8-8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। इसलिए एक चौघड़िया लगभग डेढ़ घंटे का होता है, जो मौसम के साथ थोड़ा घटता-बढ़ता है।
दिन का पहला चौघड़िया कैसे तय होता है?
दिन का पहला चौघड़िया उस वार के ग्रह से तय होता है। जैसे रविवार को उद्वेग, सोमवार को अमृत, मंगलवार को रोग, बुधवार को लाभ, गुरुवार को शुभ, शुक्रवार को चर और शनिवार को काल से दिन शुरू होता है।
चौघड़िया और राहु काल में क्या अंतर है?
चौघड़िया पूरे दिन और रात को शुभ-अशुभ हिस्सों में बाँटता है, जबकि राहु काल दिन का सिर्फ एक अशुभ हिस्सा है। कई लोग शुभ चौघड़िया चुनते समय राहु काल से भी बचते हैं।
अलग-अलग शहरों का पंचांग अलग क्यों होता है?
तिथि, नक्षत्र और योग पूरे भारत में एक ही समय पर बदलते हैं, लेकिन सूर्योदय और सूर्यास्त हर शहर में अलग होते हैं। राहु काल, चौघड़िया और मुहूर्त सूर्योदय-सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए ये हर शहर में अलग होते हैं। बीकानेर और जोधपुर में सूर्योदय दिल्ली से लगभग 10-15 मिनट बाद होता है।
क्या चौघड़िया गुजरात और राजस्थान में ज़्यादा देखा जाता है?
हाँ, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में खरीदारी, यात्रा और नए काम के लिए चौघड़िया देखने की परंपरा ज़्यादा है।
