
श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa)
॥ दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम । अरुण

॥ दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम । अरुण

भक्तों के बीच अनेक खाटू चालीसा प्रसिद्ध हैं, इनमे से सीकर के

॥ दोहा ॥ जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी । नमो नमो

॥ दोहा॥ जय जय माता शीतला , तुमहिं धरै जो ध्यान ।

॥दोहा॥ जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार । महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय

॥ दोहा ॥ जय जय सीताराम के मध्यवासिनी अम्ब, देहु दर्श जगदम्ब

॥ दोहा ॥ श्री गुरु पद पंकज नमन, दुषित भाव सुधार, राणी

॥ दोहा ॥ सिर नवाइ बगलामुखी, लिखूं चालीसा आज ॥ कृपा करहु

॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये दक्षजे शम्भू प्रिये गुणखानि । गणपति

॥ दोहा ॥ नमो नमो विन्ध्येश्वरी, नमो नमो जगदम्ब । सन्तजनों के

॥ दोहा ॥ जय गणपति सदगुण सदन, कविवर बदन कृपाल । विघ्न

॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास । मनोकामना

॥ दोहा ॥ बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार । ध्यान धरत ही

नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी ॥

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल । दीनन

॥ श्री हनुमान चालीसा लिरिक्स ॥ ॥ दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज

॥ दोहा॥ श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद । श्याम चालीसा

श्री सूर्य देव चालीसा ॥ ॥दोहा॥ कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला

॥ दोहा ॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत